पुतिन ने कहा कि भारत ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने भारतीय लोगों की प्रतिभा और परिश्रम की भी सराहना की
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : agencies/ media reports
रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में 3 से 6 जून तक आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच (SPIEF 2026) के सबसे महत्वपूर्ण सत्र में भारत की तारीफ हुई। इस बार 100 से अधिक देशों से करीब 20,000 प्रतिभागी इस फोरम में शामिल हुए। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन मंच पर मौजूद रहे। इस बार फोरम की थीम है-एक स्थिर भविष्य की ओर व्यावहारिक संवाद।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि चीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सबसे अधिक पेटेंट रखने वाले देशों में है। उन्होंने चीन को रूस का रणनीतिक हिस्सेदार बताया और उसकी तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की। साथ ही उन्होंने भारत को आईटी क्षेत्र का अग्रणी खिलाड़ी बताते हुए जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल सॉफ्टवेयर बाजार में भारत की खास हिस्सेदारी है और डिजिटल प्रौद्योगिकी में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पुतिन ने कहा कि भारत ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने भारतीय लोगों की प्रतिभा और परिश्रम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत-रूस के संबंध दशकों से विकसित हुई मजबूत दोस्ती का परिणाम हैं। वर्ष 1947 में सोवियत संघ और भारत के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने एक-दूसरे का सहयोग किया है। रूस ने भारत के विकास और स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उसकी मजबूती में हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाई है।
पुतिन ने कहा कि रूस भी डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स, फाइनेंस, शहरी सेवाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रूस के कई डिजिटल समाधान अब दुनिया के दर्जनों देशों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि- आने वाले समय में तीन तकनीकें दुनिया को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगी। एक - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दो- ऑटोनॉमस सिस्टम्स, जो कई उद्योगों का स्वरूप बदलेंगे, तीन - प्लेटफॉर्म आधारित डिजिटल समाधान, जो लोगों और कंपनियों को जोड़कर रियल टाइम में लेनदेन और सहयोग सुविधा देंगे।
पुतिन ने कहा कि रूस के विदेशी मुद्रा भंडार पर प्रतिबंध लगाने जैसी कार्रवाइयों का असर वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पर पड़ा है। इससे डॉलर और यूरो की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। अब दुनिया के देश समझ चुके हैं कि किसी भी देश को डॉलर या यूरो आधारित वित्तीय प्रणाली से बाहर किया जा सकता है।
Published at : 05 Jun 2026, 02:50 pm (IST)
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