5 जुलाई को 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। इसके बाद छात्रों ने लगातार प्रदर्शन शुरू किया। 25 जुलाई से सत्याग्रह और 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
By : Admin User | Updated at : 04 Aug 2026, 02:36 pm (IST)
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका अनशन अब तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। आंदोलनकारी छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, JSSC CGL सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं की CBI और ED से जांच कराई जाए तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आने तक परीक्षा को रद्द किया जाए।
रिजल्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
5 जुलाई को 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। इसके बाद छात्रों ने लगातार प्रदर्शन शुरू किया। 25 जुलाई से सत्याग्रह और 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अब आंदोलन आमरण अनशन तक पहुंच गया है।
देवेंद्र महतो बोले- युवाओं के भविष्य की लड़ाई
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों से आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने की अपील भी की। इधर मामले की जांच कर रही झारखंड CID ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत 18 स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पूर्व JPSC अध्यक्ष से 7 घंटे पूछताछ
भर्ती विवाद में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते से CID ने लगातार चौथी बार पूछताछ की। इस बार उनसे करीब 7 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। इससे पहले भी उनसे कई दौर की पूछताछ हो चुकी है। खियांगते 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। अब तक इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
14वीं JPSC परीक्षा रद्द की जाए।
JPSC और JSSC भर्ती मामलों की CBI और ED से जांच हो।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
भर्ती परीक्षा विवाद अब केवल छात्रों का आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह झारखंड में युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
Published at : 04 Aug 2026, 02:36 pm (IST)