BMC के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 में मलेरिया, डेंगू, गैस्ट्रो, लेप्टोस्पायरोसिस और H1N1 के मामलों में जून की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रशासन ने नागरिकों से साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है।
By : Admin User | Updated at : 04 Aug 2026, 12:55 pm (IST)
मुंबई . लगातार हो रही बारिश अब स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2026 के दौरान शहर में मानसून से जुड़ी कई संक्रामक बीमारियों के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मलेरिया, डेंगू, गैस्ट्रो, लेप्टोस्पायरोसिस और H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मरीजों की संख्या जून के मुकाबले काफी अधिक रही है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक जून में 655 मलेरिया के मामले दर्ज हुए थे, जो जुलाई में बढ़कर 1,380 हो गए। इसी अवधि में डेंगू के मरीज 266 से बढ़कर 466, लेप्टोस्पायरोसिस के मामले 33 से 78, जबकि गैस्ट्रो के मरीज 603 से बढ़कर 851 हो गए। वहीं H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामले 58 से बढ़कर 105 और कोविड-19 के मरीज 27 से बढ़कर 58 दर्ज किए गए। हालांकि, चिकुनगुनिया के मामलों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और इसकी संख्या 7 पर स्थिर रही।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश, जलभराव और मच्छरों की बढ़ती संख्या इन बीमारियों के तेजी से फैलने की प्रमुख वजह है। इसी को देखते हुए BMC ने पूरे शहर में निगरानी और रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। बढ़ते संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए BMC ने 'जीरो मच्छर ब्रीडिंग अभियान' शुरू किया है। इसके तहत अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और घनी आबादी वाले इलाकों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें खत्म करने का अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही नियमित फॉगिंग, दवा का छिड़काव और स्वास्थ्य सर्वेक्षण भी किए जा रहे हैं।बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और बुखार, शरीर दर्द, उल्टी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर इलाज और सावधानी बरतने से इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Published at : 04 Aug 2026, 12:55 pm (IST)