अखिल राणा और उत्कर्ष शर्मा की याचिका पर सवाल खड़ा करते हुए कोर्ट ने कहा कि आधी-अधूरी तैयारी के साथ याचिका दायर हुई है, लेकिन हम जनहित को देखते हुए इस मामले पर संज्ञान ले रहे हैं।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
नई दिल्ली, 10 दिसंबर। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इंडिगो से जुड़े संकट मामले में संज्ञान ले लिया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने इंडिगो पर केंद्र सरकार और इंडिगो काे जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अचानक उड़ानों के रद्द होने और रिफंड दिलाने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगाई और कई तीखे सवाल भी पूछे। कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि इतनी गंभीर समस्या के बीच दूसरी एयरलाइंस कंपनी इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं। साथ ही टिकट की कीमतों में इतना इजाफा क्यों हुआ? इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?
उच्च न्यायालय ने कहा कि फ्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन का पालन सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो को पर्याप्त संख्या में पायलटों की नियुक्ति करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा लगता है कि इंडिगो ने समय रहते आवश्यक संख्या में पायलटों की नियुक्ति नहीं की, जिससे फ्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।अखिल राणा और उत्कर्ष शर्मा की याचिका पर सवाल खड़ा करते हुए कोर्ट ने कहा कि आधी-अधूरी तैयारी के साथ याचिका दायर हुई है, लेकिन हम जनहित को देखते हुए इस मामले पर संज्ञान ले रहे हैं। याचिका ने दायर किया है। उच्चतम न्यायालयने 8 दिसंबर को इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। बुधवार काे एक वकील ने इस मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष मेंशन करते हुए इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की थी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि भारत सरकार ने पहले ही इस मामले का संज्ञान ले लिया है। समय पर कार्रवाई की गई है। सरकार को संभालने दीजिए। इस मामले में तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है। उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या आप इतने असहाय हैं कि एयरलाइंस के खिलाफ कार्रवाई करने से हिचक रहे हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसे हालात बनने ही क्यों दिए गए, जिसमें लाखों यात्री एयरपोर्ट पर बिना सहायता के फंसे रहे।
Published at : 10 Dec 2025, 02:46 pm (IST)
Tags : #nationalnews / #Airport #DGCA, #Aeroplane / #supremecourt #order #desicion / #rastriyasamachar #castecensus #KarnatakaChiefMinisterSiddaramaiah #Siddaramaiah