दुष्कर्म केस में सूरत की लाजपोर जेल में बंद नारायण साई की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने 5 दिन की शर्तों के साथ अंतरिम जमानत मंजूर की है। जमानत की अवधि में नारायण साई अपनी मां के घर ही रह सकेंगे, अपने या आसाराम के अनुयायियों से नहीं मिल सकेंगे।
नारायण साईं
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
अहमदाबाद, 18 सितम्बर। नारायण साई फिलहाल सूरत की लाजपोर जेल में बंद हैं और वहीं से अहमदाबाद मां के मकान पर जाएंगे। नारायण साई ने 82 वर्षीय बीमार मां से मिलने के लिए हाईकोर्ट में 45 दिन की अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी थी।
जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान नारायण साई के वकील ने दलील दी कि, पहले भी बीमार पिता आसाराम से मिलने के लिए 5 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। आवेदक की मां 82 वर्ष की हैं और कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित हैं, इसलिए 45 दिन की जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने 45 दिन की जमानत देने से इनकार करते हुए शर्तों और पुलिस निगरानी के साथ 5 दिन की जमानत मंजूर की है।
जानकारी के अनुसार साल 2019 में सेशंस कोर्ट ने दुष्कर्म केस में नारायण साई को दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट में अपील की है और बीमार मां से मिलने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी। जून महीने में हाईकोर्ट ने आसाराम की मेडिकल स्थिति और पिता-पुत्र के व्यक्तिगत रूप से न मिल पाने की परिस्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर नारायण साई को उनके पिता आसाराम से मिलने के लिए 5 दिन की अंतरिम जमानत दी थी।
30 अप्रैल 2019 को सूरत की सेशंस कोर्ट ने नारायण साई को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(f), 376(k), 376(n), 377, 354, 504 और धारा 506(2) के तहत दंडनीय अपराधों का दोषी ठहराया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और वे दिसंबर 2013 से जेल में बंद हैं। नारायण साई के पिता आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अन्य दुष्कर्म केस में 30 अगस्त तक सरेंडर करने को कहा था। वहीं, गुजरात हाईकोर्ट के सामने सूरत की युवती के साथ दुष्कर्म के दूसरे केस में आसाराम की अंतरिम जमानत अर्जी पर 22 सितंबर को सुनवाई होनी है।
Published at : 18 Sept 2025, 01:50 pm (IST)
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