11 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है। देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में 6 गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
Source : rashtriya samachar
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है। दावा किया जा रहा है कि PLI स्कीम से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन तो छह गुना बढ़ा ही, पिछले दस सालों में 25 लाख नौकरियां भी पैदा हुई।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को देश की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग ताकत का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। पिछले एक दशक में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स में जो तरक्की की है, उसे दुनिया अब एक मिसाल के तौर पर देख रही है। भारत अब सिर्फ फोन असेंबल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब हम सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट्स (पुर्जे) बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 10 सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 3 यूनिट्स ने ट्रायल और शुरुआती प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है। जल्द ही भारत में बनी चिप्स दुनिया भर के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में नजर आएंगी।
अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आंकड़े साझा किए, जो बताते हैं कि 11 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है। देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में 6 गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पीएलआई (PLI) स्कीम से 13,475 करोड़ का निवेश आया है, जिससे करीब 9.8 लाख करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्माण हुआ। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं को मिला है। पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। केवल पिछले पांच वर्षों में ही 1.3 लाख से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर काम मिला है।
Published at : 27 Dec 2025, 06:23 pm (IST)
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