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होम / राष्ट्रीय / भारत-अमेरिका AI साझेदारी होगी मजबूत,चीन पर तकनीकी निर्भरता कम करने की तैयारी,बेथानी मॉरिसन ने कहा
भारत-अमेरिका AI साझेदारी होगी मजबूत,चीन पर तकनीकी निर्भरता कम करने की तैयारी,बेथानी मॉरिसन ने कहा
AI और उभरती तकनीकों में भारत-अमेरिका मिलकर बनाएंगे सुरक्षित और भरोसेमंद तकनीकी गठजोड़।

भारत और अमेरिका AI और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने जा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारी बेथानी मॉरिसन ने कहा कि दोनों देश चीन जैसे विरोधी देशों पर तकनीकी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

भारत-अमेरिकाAI साझेदारी होगी मजबूत,चीन पर तकनीकी निर्भरता कम करने की तैयारी,बेथानी मॉरिसन ने कहा

Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)

Source : Rashtriya samachar

AI और उभरती तकनीकों में भारत-अमेरिका की बढ़ती साझेदारी, चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी

भारत और अमेरिका के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती तकनीकों को लेकर रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि दोनों देश भविष्य की तकनीकों में सहयोग बढ़ाकर चीन जैसे विरोधी देशों पर निर्भरता कम करना चाहते हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी बेथानी मॉरिसन ने यूएस-इंडिया AI एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि AI जैसी आधुनिक तकनीकों की पूरी क्षमता हासिल करने के लिए भारत और अमेरिका को खुले, सुरक्षित और भरोसेमंद तकनीकी ढांचे पर साथ काम करना होगा।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को विश्वस्तरीय तकनीक देने पर जोर

बेथानी मॉरिसन ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को विश्वस्तरीय तकनीक तक पहुंच मिले और उसका इस्तेमाल समाज के विकास और लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए किया जाए।

उन्होंने कहा कि AI तकनीक में असीम संभावनाएं हैं, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी संभव है जब तकनीकी साझेदारी पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता पर आधारित हो।

चीन जैसे विरोधी देशों पर निर्भरता कम करने की रणनीति

मॉरिसन ने बिना किसी देश का नाम सीधे लिए कहा कि तकनीकी क्षेत्र में विरोधी देशों पर अत्यधिक निर्भरता वैश्विक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला के लिए खतरा बन सकती है।

उन्होंने कहा,
“हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी तकनीकी साझेदारी सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और भरोसेमंद सप्लाई चेन पर आधारित हो।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका और भारत की यह रणनीति चीन के बढ़ते तकनीकी प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

U.s. India AI and Emerging Technology Forum

AI सेक्टर में रिकॉर्ड निवेश

बेथानी मॉरिसन ने AI सेक्टर में हो रहे बड़े निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि साल 2026 की पहली तिमाही में निजी कंपनियों ने AI तकनीकों के विकास में 300 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

इनमें से आधे से ज्यादा निवेश अमेरिकी कंपनियों द्वारा किए गए हैं, जो AI तकनीक की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

भारतीय कंपनियों की तारीफ

अमेरिकी अधिकारी ने भारतीय कंपनियों की तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत AI और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक ताकत बनकर उभर रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित SelectUSA Investment Summit में भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 1.1 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इसे दोनों देशों के मजबूत होते आर्थिक और तकनीकी रिश्तों का संकेत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना

बेथानी मॉरिसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि भारत सरकार AI तकनीक की संभावनाओं को अच्छी तरह समझती है।

उन्होंने कहा कि भारत AI का इस्तेमाल आर्थिक विकास, नवाचार और सामाजिक प्रगति के लिए करना चाहता है, लेकिन साथ ही सुरक्षा और डेटा संरक्षण से जुड़े जोखिमों को लेकर भी सतर्क है।

भविष्य की तकनीकी साझेदारी पर नजर

अमेरिका और भारत आने वाले वर्षों में AI, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों की यह साझेदारी इसी तरह आगे बढ़ती रही, तो आने वाले समय में भारत और अमेरिका वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

Published at : 09 May 2026, 06:50 am (IST)

Tags : AI / NEWS UPDATE / #india news / #nationalnews / World News / #news today