BREAKING NEWS

में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए केंद्र का बड़ा कदम, लागू हुआ 'Seafarer First' प्लान

सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के बाद पुलिस को मिली बड़ी जानकारी

व्हिस्की, लग्जरी कारें और ब्रांडेड सामान होंगे सस्ते, कारोबार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

मुजफ्फराबाद मार्च से सहमी शहबाज सरकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर उठे सवाल

24 दिन के प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, विपक्षी नेताओं ने की अपील

में भारतीय नाविक की मौत पर भारत सख्त, ईरानी दूतावास तलब,खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

एस जयशंकर ने शुरू किया 2028-29 अस्थायी सदस्यता अभियान

में UAE के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत,क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

में विजय सरकार को SC से राहत, मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर लगी रोक

आंध्र प्रदेश के बाद मुंबई में भी नया मामला,जानें बचाव के जरूरी उपाय

में ट्रंप-मैक्रों समेत 13 नेताओं के नाम, 'अचानक मौत' की चेतावनी से बढ़ा तनाव

पंचायत ने लगाया ₹1 लाख जुर्माना,उसी रकम से चिकन-दारू पार्टी करने का आरोप

के पब में भीषण आग से 27 लोगों की मौत, रेस्टरूम में मिले कई शव,आधी रात को लगी आग से मची अफरा-तफरी

जवाबी हमले में ईरान ने बहरीन, कतर और UAE को बनाया निशाना

11 भारतीयों में 10 सुरक्षित, एक की तलाश अब भी जारी

परिवहन मंत्री ने मास्क लगाकर बसों में किया सफर, लापरवाही पर ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

CM योगी गोरखपुर से करेंगे शुभारंभ,'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत

के अनंतनाग में 60 मिनट में दो बार बादल फटा, पहलगाम में बाढ़ से भारी तबाही,मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।

तीसरे अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया।

32 भारतीय पर्यटक समेत 36 लोग सवार थे, 15 की मौत की आशंका

BREAKING NEWS

में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए केंद्र का बड़ा कदम, लागू हुआ 'Seafarer First' प्लान

सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के बाद पुलिस को मिली बड़ी जानकारी

व्हिस्की, लग्जरी कारें और ब्रांडेड सामान होंगे सस्ते, कारोबार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

मुजफ्फराबाद मार्च से सहमी शहबाज सरकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर उठे सवाल

24 दिन के प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, विपक्षी नेताओं ने की अपील

में भारतीय नाविक की मौत पर भारत सख्त, ईरानी दूतावास तलब,खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

एस जयशंकर ने शुरू किया 2028-29 अस्थायी सदस्यता अभियान

में UAE के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत,क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

में विजय सरकार को SC से राहत, मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर लगी रोक

आंध्र प्रदेश के बाद मुंबई में भी नया मामला,जानें बचाव के जरूरी उपाय

में ट्रंप-मैक्रों समेत 13 नेताओं के नाम, 'अचानक मौत' की चेतावनी से बढ़ा तनाव

पंचायत ने लगाया ₹1 लाख जुर्माना,उसी रकम से चिकन-दारू पार्टी करने का आरोप

के पब में भीषण आग से 27 लोगों की मौत, रेस्टरूम में मिले कई शव,आधी रात को लगी आग से मची अफरा-तफरी

जवाबी हमले में ईरान ने बहरीन, कतर और UAE को बनाया निशाना

11 भारतीयों में 10 सुरक्षित, एक की तलाश अब भी जारी

परिवहन मंत्री ने मास्क लगाकर बसों में किया सफर, लापरवाही पर ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

CM योगी गोरखपुर से करेंगे शुभारंभ,'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत

के अनंतनाग में 60 मिनट में दो बार बादल फटा, पहलगाम में बाढ़ से भारी तबाही,मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।

तीसरे अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया।

32 भारतीय पर्यटक समेत 36 लोग सवार थे, 15 की मौत की आशंका

होम / राष्ट्रीय / 25 शब्द भी 1 मिनट में टाइप नहीं कर पाए तो 3 बाबुओं को बना दिया चपरासी, कानपुर के जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन चर्चा में
25 शब्द भी 1 मिनट में टाइप नहीं कर पाए तो 3 बाबुओं को बना दिया चपरासी, कानपुर के जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन चर्चा में
डिमोशन कर प्रशासनिक अनुशासन और दक्षता- योग्यता अनिवार्य होने का दिया संदेश

सरकारी नियमों के अनुसार, जूनियर लिपिक की नियुक्ति के बाद एक साल के अंदर टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। परीक्षा में न्यूनतम गति एक मिनट में 25 शब्द टाइप करने की तय की गई है। इन तीनों कर्मचारियों ने इस मानक को पूरा नहीं किया

25 शब्द भी 1 मिनट में टाइप नहीं कर पाए तो 3 बाबुओं को बना दिया चपरासी,  कानपुर के जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन चर्चा में

Updated at : 02 Jul 2026, 05:29 pm (IST)

Source : Rashtriya Samachar

 कानपुर . उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का एक मामला ऐसा सामने आया है, जो देशभर के ऐसे कर्मचारियों के लिए सबक साबित हो सकता है, जिन्होंने जुगाड़ से नौकरी हासिल की है या उस पद के लिए अपात्र हैं। दरअसल सरकारी दफ़तर में काम करने वाले तीन बाबू एक मिनट में 25 शब्द भी टाइप नहीं कर सके और लगातार दो बार टाइपिंग परीक्षा में असफल रहे। उन्होंने नौकरी के दौरान सीखने की कोशिश भी नहीं की। इसके देखते हुए जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाया और उन्हे उनके पद से घटाकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) बना दिया। यह कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है ।

तीनों जूनियर लिपिकों की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे के तहत हुई थी,इनमें एक महिला भी थीं। सरकारी नियमों के अनुसार, जूनियर लिपिक की नियुक्ति के बाद एक साल के अंदर टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। परीक्षा में न्यूनतम गति एक मिनट में 25 शब्द टाइप करने की तय की गई है। इन तीनों कर्मचारियों ने इस मानक को पूरा नहीं किया था। इससे पहले साल 2024 में जब टाइपिंग परीक्षा में भी तीनों असफल रहे। नियम के मुताबिक,पहली बार असफलता पर उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि (इनक्रिमेंट) रोक दी गई । प्रशासन ने सुधार का मौका देते हुए 2025 में दूसरी बार परीक्षा का अवसर दिया, लेकिन इस बार भी प्रेमनाथ निर्धारित गति हासिल नहीं कर पाए।

लगातार दो असफलताओं के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त निर्णय लिया और डिमोशन कर चपरासी बना दिया। अब ये तीनों कर्मचारी चपरासी के रूप में ड्यूटी करेंगे। यह कार्रवाई प्रशासनिक योग्यता बनाए रखने के लिए की गई।

 नियुक्तियों पर उठ रहे सवाल-

कानपुर शहर में लोग इसे प्रशासन की सख्ती का उदाहरण मान रहे हैं, तो कुछ इसे मृतक आश्रित कोटे से आई नियुक्तियों की योग्यता पर सवाल भी उठा रहे हैं। लिपिकों को दैनिक कार्यों में दस्तावेज तैयार करना, पत्र लिखना और डेटा एंट्री करना होता है। ऐसे में यदि बेसिक योग्यता नहीं होगी तो कामकाज प्रभावित होता है। 

अन्य कर्मचारी स्किल्स सुधार रहे-

 सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के फैसले ने अन्य कर्मचारियों में भी सतर्कता पैदा कर दी है। कई कर्मचारी अब अपनी स्किल्स सुधारने में लग गए हैं।