पश्चिम बंगाल के साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी ममता बनर्जी की फुटबॉल स्टैच्यू को खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने हटा दिया है। इस विवादास्पद स्टैच्यू को बेतुका और भद्दा बताते हुए कहा गया कि यह देखने में आकर्षक नहीं थी। पढ़ें पूरी खबर।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : Rashtriya samachar
पश्चिम बंगाल के साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगाई गई ममता बनर्जी की डिजाइन की फुटबॉल स्टैच्यू को बंगाल के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने शनिवार को ध्वस्त करवा दिया। यह स्टैच्यू 2017 में फीफा अंडर 17 विश्व कप से पहले वीआईपी गेट के बाहर स्थापित की गई थी। इसमें फुटबॉल खेलने वाले विशाल पैर दिखाए गए हैं, इस पर साथ ही 'बिश्वा बांग्ला' लोगो भी लगा हुआ था
स्टैच्यू का विवाद और इसकी समीक्षाखेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने इस स्टैच्यू को बेतुका और भद्दा बताते हुए कहा, "यह देखने में बेहद भद्दी है। धड़ के पास से कटे हुए दो पैर और उनके ऊपर एक फुटबॉल। इसका कोई मतलब ही नहीं बनता। यह देखने में भी बिल्कुल भी आकर्षक नहीं लगती। इसलिए, हम इस तरह की बेतुकी और अर्थहीन बनावट को यहां नहीं रखेंगे, और इसे हटा दिया जाएगा।"
स्टैच्यू की स्थापना के समय यह कहा गया था कि यह 'बांग्ला जागरण' और खेल भावना को दर्शाने का प्रयास है। लेकिन, इसे देखने के बाद कई लोगों ने इसकी आलोचना की। यह स्टैच्यू पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा डिज़ाइन की गई थी, जिसे अब हटा दिया गया है।
स्टैच्यू का इतिहास और राजनीतिक संदर्भस्टैच्यू को 2017 में फीफा अंडर 17 विश्व कप से पहले लगाया गया था, जिसका उद्देश्य खेल को बढ़ावा देना था।
यह कदम बंगाल सरकार की नई सोच और खेल के प्रचार-प्रसार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में इस स्थल पर नई और आकर्षक संरचनाएँ लगाने की योजना है।
Published at : 23 May 2026, 11:03 am (IST)
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