BREAKING NEWS

फिर भारतीय जहाज पर हमला, 2 क्रू मेंबर लापता; दूतावास ने जारी किया अपडेट

राजनीति से संन्यास, बोले- ‘2028 में नहीं लड़ूंगा चुनाव’,उम्र और घटती ऊर्जा का दिया हवाला

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अन्ना हजारे का बड़ा बयान हिंसा से नहीं

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, बोले- 'मैंने जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा'

FRS ने 2,500 से ज्यादा आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों की पहचान की,15 FIR दर्ज

पोलियो को हराकर झंडू कुमार ने जीता भारत का पहला पदक,बिहार के नालंदा के रहने वाले है

TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बिहार से दबोचा गया बिजेंद्र गुप्ता,पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद

के मिसाइल-ड्रोन हमलों से दहला सऊदी अरब, अरामको की तेल सुविधा बनी निशाना

कई राशियों के लिए उन्नति के योग, खर्च और जल्दबाजी में बरतें सावधानी

सरकार ने CJP की 2 प्रमुख मांगों पर दिखाई सहमति

अब मेडिकल रिपोर्ट पढ़कर आसान भाषा में समझाएगा

यूट्यूबर बहनों ने कैमरामैन से रचाई शादी, वजह सुनकर हर कोई हैरान

सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, प्रदर्शन के बीच बड़ा आदेश

3 महीने में फैसला, 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने की तैयारी

मुंबई-गुजरात हाईवे पर 40 KM लंबा जाम, थम गई हजारों गाड़ियों की रफ्तार

ट्रम्प बोले- हमला करने को तैयार; ईरान ने दी गंभीर चेतावनी

सरकार के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन

CJP का ऐलान; सरकार से आज होगी अहम बातचीत

उमरगाम में रिकॉर्ड 36 इंच बारिश, सूरत के निचले इलाकों बाढ़ जैसा नजारा

BREAKING NEWS

फिर भारतीय जहाज पर हमला, 2 क्रू मेंबर लापता; दूतावास ने जारी किया अपडेट

राजनीति से संन्यास, बोले- ‘2028 में नहीं लड़ूंगा चुनाव’,उम्र और घटती ऊर्जा का दिया हवाला

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अन्ना हजारे का बड़ा बयान हिंसा से नहीं

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, बोले- 'मैंने जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा'

FRS ने 2,500 से ज्यादा आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों की पहचान की,15 FIR दर्ज

पोलियो को हराकर झंडू कुमार ने जीता भारत का पहला पदक,बिहार के नालंदा के रहने वाले है

TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बिहार से दबोचा गया बिजेंद्र गुप्ता,पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद

के मिसाइल-ड्रोन हमलों से दहला सऊदी अरब, अरामको की तेल सुविधा बनी निशाना

कई राशियों के लिए उन्नति के योग, खर्च और जल्दबाजी में बरतें सावधानी

सरकार ने CJP की 2 प्रमुख मांगों पर दिखाई सहमति

अब मेडिकल रिपोर्ट पढ़कर आसान भाषा में समझाएगा

यूट्यूबर बहनों ने कैमरामैन से रचाई शादी, वजह सुनकर हर कोई हैरान

सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, प्रदर्शन के बीच बड़ा आदेश

3 महीने में फैसला, 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने की तैयारी

मुंबई-गुजरात हाईवे पर 40 KM लंबा जाम, थम गई हजारों गाड़ियों की रफ्तार

ट्रम्प बोले- हमला करने को तैयार; ईरान ने दी गंभीर चेतावनी

सरकार के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन

CJP का ऐलान; सरकार से आज होगी अहम बातचीत

उमरगाम में रिकॉर्ड 36 इंच बारिश, सूरत के निचले इलाकों बाढ़ जैसा नजारा

होम / राष्ट्रीय / भारत में बढ़ रही छात्र आत्महत्याएं कुल सुसाइड मामलों में 8.5% छात्र शामिल: NCRB रिपोर्ट,NCRB की Accidental Deaths and Suicides 2024
भारत में बढ़ रही छात्र आत्महत्याएं कुल सुसाइड मामलों में 8.5% छात्र शामिल: NCRB रिपोर्ट,NCRB की Accidental Deaths and Suicides 2024
रिपोर्ट में खुलासा 14,488 छात्रों ने की आत्महत्या, एक दशक में तेजी से बढ़े मामले

NCRB की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल आत्महत्या मामलों में 8.48% छात्र शामिल हैं। 2024 में 14,488 छात्रों ने आत्महत्या की, जो पिछले एक दशक में लगातार बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा करता है।

भारत में बढ़ रही छात्र आत्महत्याएंकुल सुसाइड मामलों में 8.5% छात्र शामिल: NCRB रिपोर्ट,NCRB की Accidental Deaths and Suicides 2024

Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)

Source : Rashtriya samachar

भारत में बढ़ रही छात्र आत्महत्याएं, NCRB रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

देश में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल आत्महत्या मामलों में छात्रों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024 में देशभर में 14,488 छात्रों ने आत्महत्या की, जो कुल आत्महत्याओं का करीब 8.48 प्रतिशत है।

यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि देश के शिक्षा तंत्र, सामाजिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य संकट की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

एक दशक में तेजी से बढ़े मामले

NCRB की ‘Accidental Deaths and Suicides 2024’ रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 में छात्र आत्महत्या के 8,068 मामले दर्ज किए गए थे, जो उस समय कुल आत्महत्याओं का 6.1 प्रतिशत थे।

अब 10 साल बाद यह संख्या बढ़कर 14,488 तक पहुंच गई है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं:

2021: 13,089 छात्र आत्महत्याएं
2022: 13,044 मामले
2023: 13,892 मामले
2024: 14,488 मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि यह लगातार बढ़ता ट्रेंड देश में छात्रों के मानसिक दबाव और प्रतिस्पर्धा के माहौल को दर्शाता है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा मामले?

हालांकि NCRB की नई रिपोर्ट में राज्यों के विस्तृत आंकड़े जारी नहीं किए गए, लेकिन IC3 Institute की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश छात्र आत्महत्या के मामलों में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं।

इन तीन राज्यों में देश के कुल छात्र आत्महत्या मामलों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा दर्ज किया गया।

छात्र आत्महत्या के बड़े कारण क्या हैं?

उच्च शिक्षा विशेषज्ञ प्रोफेसर एनवी वर्गीज़ के अनुसार, छात्रों पर बढ़ता शैक्षणिक और सामाजिक दबाव इस संकट की बड़ी वजह है।

उन्होंने तीन प्रमुख कारण बताए:

1. प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव

कई छात्र NEET और JEE जैसी कठिन परीक्षाओं में रुचि नहीं रखते, लेकिन परिवार की अपेक्षाएं उन्हें मानसिक तनाव में डाल देती हैं।

2. सामाजिक अपमान और भेदभाव

सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों से आने वाले कई छात्रों को संस्थानों में भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ता है।

3. लाइफस्टाइल और साथियों का दबाव

आर्थिक रूप से कमजोर छात्र अपने संपन्न साथियों जैसी जीवनशैली अपनाने के दबाव में मानसिक रूप से टूटने लगते हैं।

कोटा और IIT जैसे संस्थान भी चिंता का केंद्र

राजस्थान का कोटा लंबे समय से छात्र आत्महत्या के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। वहीं हाल के महीनों में IIT संस्थानों में भी लगातार आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।

हाल ही में IIT-खड़गपुर में एक छात्र की कथित आत्महत्या ने पूरे देश का ध्यान खींचा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 15 महीनों में वहां नौ छात्रों की मौत हो चुकी है।

सरकार के प्रयास जारी

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने कई पहल शुरू की हैं:

मनोदर्पण अभियान
टेली-मानस हेल्पलाइन (14416)
राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति 2022
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित राष्ट्रीय कार्यबल ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए विशेष पोर्टल भी शुरू किया है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल हेल्पलाइन और योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। स्कूलों, कॉलेजों और परिवारों को छात्रों के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना होगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट आने वाले वर्षों में और गंभीर रूप ले सकता है।

 

Published at : 09 May 2026, 12:28 pm (IST)

Tags : NEWS UPDATE / Population / #india news / #nationalnews / #news today