PM मोदी ने लोगों से तेल कम खाने की अपील की है। जानिए ज्यादा तेल खाने से क्या नुकसान होते हैं, भारत कितना खाद्य तेल आयात करता है और कम तेल वाले हेल्दी विकल्प कौन-कौन से हैं।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : Rashtriya samachar
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से खाने में तेल की मात्रा कम करने की अपील की है। तेलंगाना में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अगर देश के लोग खाने में तेल कम करें, ईंधन की खपत घटाएं और विदेशी चीजों पर निर्भरता कम करें तो इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा और रुपये की स्थिति बेहतर हो सकती है। पीएम की इस अपील के पीछे सिर्फ स्वास्थ्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी जुड़ी हुई है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल आयातक देशों में शामिल है। देश में सबसे ज्यादा पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल का इस्तेमाल होता है। इनमें पाम ऑयल का बड़ा हिस्सा इंडोनेशिया और मलेशिया से आयात किया जाता है, जबकि सोयाबीन तेल अर्जेंटीना और ब्राजील से आता है। साल 2025-26 में भारत ने करीब 1.85 लाख करोड़ रुपये का खाद्य तेल आयात किया था। ऐसे में अगर देश में तेल की खपत थोड़ी भी कम होती है तो आयात बिल में बड़ी कमी आ सकती है, जिसका असर विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की मजबूती पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कम खाने से सिर्फ अर्थव्यवस्था ही नहीं, लोगों की सेहत को भी बड़ा फायदा होगा। ज्यादा तेल वाला खाना मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का बड़ा कारण माना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में इन बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़े हैं और इसकी बड़ी वजह अनहेल्दी खानपान और तला-भुना भोजन है।
भारतीय खान-पान में समोसा, कचौड़ी, पूरी, भटूरे और डीप फ्राई फूड का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इनकी जगह उबला हुआ, भुना हुआ या कम तेल में बना खाना अपनाना चाहिए। एयर फ्रायर का इस्तेमाल भी एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है। इसके अलावा सब्जियों में दही, मूंगफली या मसालों का सही इस्तेमाल करके कम तेल में भी स्वादिष्ट खाना बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह नहीं कहते कि तेल पूरी तरह बंद कर दिया जाए, बल्कि इसकी मात्रा संतुलित रखी जाए। सही मात्रा में तेल का सेवन शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा तेल लंबे समय में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में कम तेल वाला संतुलित भोजन न सिर्फ आपकी सेहत सुधार सकता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है।
Published at : 12 May 2026, 07:24 am (IST)
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