नए कोड में वेतन, ग्रेच्युटी, सोशल सिक्योरिटी, महिलाओं के अधिकार और नौकरी सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ शामिल हैं। पहले ग्रेच्युटी केवल उन स्थायी कर्मचारियों को मिलती थी, जो एक ही संस्थान में 5 साल तक निरंतर कार्य करते थे। लेकिन अब संशोधन के तहत केवल 1 वर्ष काम करने वाले कर्मचारी भी इसके पात्र होंगे। इसमें कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।
@RashtriyaSamacharBharat
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
नई दिल्ली, 23 नवंबर। केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। 29 पुराने श्रम कानूनों को सीमित कर अब सिर्फ 4 नए श्रम कोड लागू किए गए हैं। ये नियम सभी श्रमिकों—संगठित, असंगठित और महिला कर्मचारियों—पर समान रूप से लागू होंगे।
नए कोड में वेतन, ग्रेच्युटी, सोशल सिक्योरिटी, महिलाओं के अधिकार और नौकरी सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ शामिल हैं। पहले ग्रेच्युटी केवल उन स्थायी कर्मचारियों को मिलती थी, जो एक ही संस्थान में 5 साल तक निरंतर कार्य करते थे। ग्रेच्युटी कंपनी द्वारा कर्मचारियों की सेवा और मेहनत के बदले दी जाने वाली आर्थिक सहायता मानी जाती है, लेकिन अब संशोधन के तहत केवल 1 वर्ष काम करने वाले कर्मचारी भी इसके पात्र होंगे। इसमें कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।
पहले ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल नौकरी करना अनिवार्य था, पर नए नियमों के अनुसार फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की सेवा के बाद ही ग्रेच्युटी मिल सकेगी। ऐसे कर्मचारी वे होते हैं जिन्हें किसी निश्चित समय अवधि या किसी परियोजना की अवधि तक ही नियुक्त किया जाता है। नए नियमों के तहत कंपनियों को अब कम से कम 50% वेतन बेसिक पे के रूप में देना होगा, जिससे कर्मचारियों की पीएफ राशि और ग्रेच्युटी दोनों बढ़ जाएंगी।
Published at : 23 Nov 2025, 11:50 am (IST)
Tags : New Labour Laws Graduity