उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच टिहरी के कद्दूखाल क्षेत्र में नेशनल हाईवे-707A पर भूस्खलन के कारण एक पुराना खाली मकान ढह गया। प्रशासन ने पहले ही आसपास के रेस्टोरेंट, खोखे और झुग्गियों को खाली करा दिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने 9 से 11 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेशभर में 38 सड़कें बंद हैं और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
By : Admin User | Updated at : 09 Jul 2026, 11:07 am (IST)
उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के कारण लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। टिहरी जिले के कद्दूखाल क्षेत्र में नेशनल हाईवे-707A के किनारे भूस्खलन होने से एक पुराना खाली मकान देखते ही देखते भरभराकर गिर गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।
प्रशासन के अनुसार, मकान गिरने से पहले ही संभावित खतरे को देखते हुए दो रेस्टोरेंट, कुछ अस्थायी खोखे और मजदूरों की झुग्गियों को एहतियातन खाली करा लिया गया था। इसी वजह से इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पास में होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के कारण भूमि कमजोर होने से भूस्खलन की स्थिति बनी।
लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण राज्य की 38 प्रमुख और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 9 से 11 जुलाई तक उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट लागू है।
पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 205.5 मिमी बारिश ऊधमसिंह नगर के काशीपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा लक्सर, सुल्तानपुर पट्टी, खानपुर, भीमताल, कालाढूंगी, नैनीताल और अन्य क्षेत्रों में भी भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी बड़े बांधों और बैराजों को जलाशयों के जलस्तर, इनफ्लो, आउटफ्लो और डिस्चार्ज की जानकारी प्रतिदिन सुबह 8 बजे और रात 8 बजे उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, किसी भी बांध से पानी छोड़े जाने से पहले स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) और संबंधित जिला प्रशासन को पूर्व सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून के और अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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