मनसे के सपोर्ट में आने से एनकाथ शिंदे गुट का आंकड़ा 53 से बढ़कर 58 हो गया, साथ ही शरद पवार NCP के 1 कॉर्पोरेटर ने भी समर्थन दिया। वहीं, उद्धव गुट के 11 में से 4 कॉर्पोरेटर अभी संपर्क मे नहींहैं, अगर वे शिंदे की तरफ जाते हैं तो शिंदे गुट बहुमत पार कर सकता है।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
मुंबई. राज ठाकरे की मनसे ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया है। इस फैसले से उनका भाई उद्धव ठाकरे की नाराजगी सामने आई हैं। क्योंकि राज और उद्धव ने हाल ही में एक साथ मिलकर महायुति के खिलाफ साथ चुनाव लड़ा था। उद्धव की शिवसेना को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे को ही उद्धव ठाकरे कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में समर्थन देने के मनसे के फैसले से उद्धव नाराज हैं। MNS का फैसला उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका है। उद्धव ने बुधवार को कॉरपोरेटर्स के साथ हुई बैठक में नाराजगी जाहिर की है।
वहीं, मनसे का कहना है कि राज ठाकरे की सहमति से यह फैसला लिया गया है। मनसे के सपोर्ट में आने से एनकाथ शिंदे गुट का आंकड़ा 53 से बढ़कर 58 हो गया, साथ ही शरद पवार NCP के 1 कॉर्पोरेटर ने भी समर्थन दिया। वहीं, उद्धव गुट के 11 में से 4 कॉर्पोरेटर अभी संपर्क मे नहींहैं, अगर वे शिंदे की तरफ जाते हैं तो शिंदे गुट बहुमत पार कर सकता है।
उद्धव ने यानी बुधवार को कॉरपोरेटर के साथ की हुई बैठक में कहा कि अगर कल्याण-डोंबिवली में मनसे शिंदे के साथ नहीं गई होती, तो विपक्ष की ताकत उन्हें दिखाई देती। मनसे के वहां के स्थानीय नेताओं ने ऐसा फैसला क्यों लिया? अगर मनसे और हमारे पार्टी के सभी नगरसेवक एकजुट रहते, तो कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में एक मजबूत विपक्षी समूह बैठा होता।
Published at : 22 Jan 2026, 08:42 pm (IST)
Tags : #india news / #nationalnews / #pm modi # Narendramodi / #soniyagandhi #rahulgandhi #congress #politics #soniya-rahul