Gold Price Crash 2026: रिकॉर्ड हाई से 20% गिरा सोना, एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी—₹85,300 तक आ सकती हैं कीमतें। जानें क्या अभी और गिरेगा गोल्ड और निवेशकों को क्या करना चाहिए।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:29 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
सोने की चमक अब फीकी पड़ती नजर आ रही है, और यही वजह है कि निवेशकों के बीच बेचैनी तेजी से बढ़ रही है। पिछले साल तक जिस गोल्ड ने निवेशकों को करीब 65% का जबरदस्त रिटर्न दिया था, वही अब गिरावट के दबाव में आ गया है। 2026 की शुरुआत में सोने ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए 5,602 डॉलर का स्तर छुआ, लेकिन इसके बाद जो गिरावट शुरू हुई, उसने बाजार का पूरा मूड बदल दिया।
सिर्फ तीन महीनों के भीतर सोना 4,495 डॉलर तक फिसल गया, यानी अपने उच्चतम स्तर से करीब 20% की गिरावट। यह गिरावट सिर्फ एक सामान्य करेक्शन नहीं मानी जा रही, बल्कि कई एक्सपर्ट इसे एक बड़े ट्रेंड रिवर्सल की शुरुआत मान रहे हैं।
अगर हम पिछले कुछ सालों की बात करें, तो अक्टूबर 2022 से शुरू हुई तेजी ने सोने को 1,500 डॉलर से उठाकर 5,602 डॉलर तक पहुंचा दिया। यह करीब 275% की ऐतिहासिक तेजी थी, जिसने गोल्ड को निवेशकों का फेवरेट एसेट बना दिया। लेकिन बाजार का एक पुराना नियम है—“जितनी तेज चढ़ाई, उतनी ही तेज गिरावट।”
इतिहास भी यही कहानी दोहराता है। 1974 से 1976 के बीच सोने ने पहले 353% की तेजी दिखाई और फिर 43% की गिरावट आई। इसके बाद 1980 के दशक में तो और भी बड़ा झटका देखने को मिला, जहां 541% की तेजी के बाद कीमतें 52% तक टूट गईं। यही नहीं, थोड़ी रिकवरी के बाद फिर 42% की गिरावट ने निवेशकों को हिला कर रख दिया था।
1999 से 2011 के बीच भी सोने ने 612% की लंबी तेजी दिखाई, लेकिन इसके बाद 2011 से 2015 तक इसमें 42% की गिरावट आई। यानी इतिहास साफ तौर पर बताता है कि गोल्ड में बड़े उछाल के बाद गहरी गिरावट कोई नई बात नहीं है—यह एक बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न है।
अब 2026 की स्थिति को देखें, तो कई ऐसे संकेत मिल रहे हैं जो पहले के गिरावट वाले दौर से मेल खाते हैं। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है, खासकर मिडिल ईस्ट में हालात अस्थिर हैं। तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होती जा रही हैं।
इन सभी फैक्टर्स का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें हमेशा से गोल्ड के लिए नेगेटिव रही हैं, क्योंकि इससे निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड से दूरी बनाने लगते हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो इस बार भी सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। कुछ अनुमानों के अनुसार, सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 50% तक टूट सकता है। अगर ऐसा होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 2,800 से 3,000 डॉलर के बीच आ सकती हैं।
भारतीय बाजार में इसका असर और भी ज्यादा दिखेगा। ऐसे में सोने की कीमत ₹85,300 से ₹91,400 प्रति 10 ग्राम तक आ सकती है। यानी साफ है कि ₹1 लाख का स्तर टूटना अब कोई दूर की बात नहीं लग रही।
हालांकि, बाजार में हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट एक बड़ा खरीदारी का मौका भी हो सकता है, खासकर लंबे समय के निवेशकों के लिए। वहीं कुछ का कहना है कि अभी गिरावट पूरी नहीं हुई है और निवेशकों को थोड़ा और इंतजार करना चाहिए।
Published at : 29 Mar 2026, 06:43 am (IST)
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