दिल्ली पुलिस ने 10वीं-12वीं की फर्जी मार्कशीट बनाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जो 5 से 10 हजार रुपये में नकली सर्टिफिकेट बेचते थे। जानिए पूरा मामला।
By : Admin User | Updated at : 22 Jul 2026, 05:34 pm (IST)
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। शाहदरा जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर 5 से 10 हजार रुपये लेकर 10वीं और 12वीं की नकली मार्कशीट और प्रमाणपत्र तैयार कर बेचते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक 100 से 150 लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करा चुका था।
गुप्त सूचना से खुला पूरा खेल
पुलिस के मुताबिक, 30 जून 2026 को सूचना मिली थी कि शाहदरा निवासी नवनीत त्यागी नकली शैक्षणिक प्रमाणपत्र तैयार कर लोगों को बेच रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक कर्मचारी को डिकॉय ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क कराया। पुलिसकर्मी ने व्हाट्सएप के जरिए अपनी फोटो, 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड की कॉपी भेजी, जिसके आधार पर आरोपी ने नकली 12वीं की मार्कशीट तैयार करने की बात स्वीकार कर ली।
छापेमारी में तीन आरोपी गिरफ्तार
पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने 17 जुलाई को जीटी रोड स्थित मिराज सिनेमा और विकास मॉल के पास छापेमारी कर मुख्य आरोपी नवनीत त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो फर्जी मार्कशीट बरामद हुईं। पूछताछ में उसके दो साथियों सबाब आलम और फरीद अहमद सैफी के नाम सामने आए। बाद में दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बरामद किए।
100 से ज्यादा लोगों को बेच चुके थे नकली सर्टिफिकेट
जांच में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से यह धंधा चला रहे थे और अब तक करीब 100 से 150 फर्जी मार्कशीट और प्रमाणपत्र बेच चुके हैं। हर दस्तावेज के बदले वे 5,000 से 10,000 रुपये तक वसूलते थे। इन नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल नौकरी, कॉलेज में दाखिले और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक बंद हो चुके शैक्षणिक संस्थान के एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल कर रहे थे। पुराने रिकॉर्ड और तारीखों का उपयोग कर ऐसे प्रमाणपत्र तैयार किए जाते थे, जिससे वे असली जैसे दिखाई दें।
नेटवर्क की जांच जारी
दिल्ली पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी मार्कशीट खरीदने वाले लोग कौन हैं और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग भी सामने आ सकते हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Published at : 22 Jul 2026, 05:34 pm (IST)