प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में हुए अहम समझौते की घोषणा की। इस डील के तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का रास्ता खुलेगा। दोनों देशों का मानना है कि यह समझौता भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती देगा।
By : Admin User | Updated at : 09 Jul 2026, 02:28 pm (IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। मेलबर्न में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने न्यूक्लियर एनर्जी डील की घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हुए इस अहम समझौते से ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश जीवंत लोकतंत्र, बहुसांस्कृतिक समाज और महत्वपूर्ण समुद्री शक्तियां हैं। साझा मूल्यों और आपसी विश्वास के आधार पर दोनों देश लगातार अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस समझौते को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 2015 के ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत को यूरेनियम निर्यात करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की आपूर्ति भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित हो सकती है।
Published at : 09 Jul 2026, 02:28 pm (IST)
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