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भारतीय मूल की अपर्णा राज ने रचा इतिहास वॉशिंगटन डी.सी. डेमोक्रेटिक प्राइमरी में दर्ज की शानदार जीत
32 वर्षीय पहली बार चुनाव लड़ने वाली अपर्णा राज को 52% वोट मिले, डी.सी. काउंसिल की सबसे युवा सदस्य बनने की ओर बढ़ीं

भारतीय मूल की 32 वर्षीय अपर्णा राज ने वॉशिंगटन डी.सी. के वार्ड-1 काउंसिल सीट के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी अपर्णा को रैंक्ड-चॉइस वोटिंग के चौथे दौर में 52 प्रतिशत वोट हासिल हुए। उनकी जीत को भारतीय-अमेरिकी समुदाय और प्रगतिशील राजनीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

भारतीय मूल की अपर्णा राज ने रचा इतिहासवॉशिंगटन डी.सी. डेमोक्रेटिक प्राइमरी में दर्ज की शानदार जीत

Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)

Source : RASHTRIYA SAMACHAR

भारतीय मूल की युवा नेता अपर्णा राज ने अमेरिका की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वॉशिंगटन डी.सी. के वार्ड-1 काउंसिल सीट के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव जीत लिया है। 32 वर्षीय अपर्णा राज की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह उनका पहला चुनाव था और उन्होंने अनुभवी उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

रैंक्ड-चॉइस वोटिंग प्रणाली के तहत हुई मतगणना के चौथे दौर में अपर्णा राज को 52 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ वह पिछले लगभग तीन दशकों में वार्ड-1 की पहली नई निर्वाचित प्रतिनिधि बनने की ओर अग्रसर हैं। साथ ही, वह डी.सी. काउंसिल की सबसे युवा सदस्य बनने का गौरव भी हासिल कर सकती हैं।

वार्ड-1 वॉशिंगटन डी.सी. का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें कोलंबिया हाइट्स, एडम्स मॉर्गन, माउंट प्लेजेंट, शॉ, यू स्ट्रीट, पार्क व्यू, कालोरामा, हावर्ड यूनिवर्सिटी और लेड्रॉइट पार्क जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। यह क्षेत्र सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है।

अपर्णा राज एक भारतीय प्रवासी परिवार से आती हैं और वर्तमान में एक प्रोग्रेसिव पॉलिसी एडवोकेसी ग्रुप में कम्युनिकेशंस मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने किरायेदारों के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से काम किया। खुद किराए के मकान में रहने वाली अपर्णा का मानना है कि स्थानीय सरकारों में किरायेदारों की आवाज और प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए।

अपने चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने महंगाई, आवास संकट और कामकाजी परिवारों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी नीतियों में किराया नियंत्रण (Rent Stabilization), सभी के लिए सुलभ और किफायती चाइल्डकेयर सुविधाएं तथा न्यूनतम वेतन को 25 डॉलर प्रति घंटा तक बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।

अपर्णा राज को कई प्रमुख श्रमिक संगठनों और प्रगतिशील समूहों का समर्थन प्राप्त हुआ। इनमें डीसी लेबर फेडरेशन, वॉशिंगटन टीचर्स यूनियन, वर्किंग फैमिलीज पार्टी, यूनाइट हियर लोकल 25, अमलगामेटेड ट्रांजिट यूनियन, UFCW 400, कम्युनिकेशंस वर्कर्स ऑफ अमेरिका और सिएरा क्लब डीसी चैप्टर जैसे संगठन शामिल हैं।

चुनाव में एएनसी कमिश्नर मिगुएल ट्रिनडाडे डेरामो दूसरे स्थान पर रहे, जबकि राशिदा ब्राउन तीसरे स्थान पर रहीं। अन्य उम्मीदवार जैकी रेयेस यानेस और टेरी लिंच शुरुआती चरणों में ही बाहर हो गए।

अब अपर्णा राज नवंबर में होने वाले आम चुनाव में अन्य दलों के उम्मीदवारों का सामना करेंगी। हालांकि, वार्ड-1 में लगभग 78 प्रतिशत मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें आगामी चुनाव में भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनकी यह जीत न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अमेरिका की स्थानीय राजनीति में युवा और विविध नेतृत्व के उभरते प्रभाव को भी दर्शाती है।