महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 में महायुती गठबंधन ने 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्ष का लगभग सफाया कर दिया। कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट का खाता नहीं खुल सका, जबकि नासिक में बीजेपी के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने बड़ा उलटफेर किया।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में सत्तारूढ़ महायुती गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव परिणामों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) की मजबूत पकड़ को साबित कर दिया है। वहीं कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और शरद पवार की एनसीपी को बड़ा झटका लगा है। विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सका।
इन 17 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों पर मतदान हुआ था। मतदान के बाद आए नतीजों में 10 सीटों पर महायुती उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। केवल नासिक सीट पर गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा, जहां बीजेपी के बागी नेता गोकुल गीते ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया।
नासिक में बागी उम्मीदवार ने बदला समीकरण
नासिक सीट चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला बनकर सामने आया। यहां शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को बीजेपी के बागी नेता गोकुल गीते ने हराया। टिकट न मिलने से नाराज गीते ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था और अंततः जीत हासिल कर महायुती की रणनीति को झटका दिया। चुनाव से पहले गठबंधन ने अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एकजुट रखने के लिए विशेष प्रयास किए थे, लेकिन नासिक में यह रणनीति काम नहीं आई।
नागपुर में बीजेपी की बड़ी जीत
नागपुर विधान परिषद सीट पर बीजेपी उम्मीदवार डॉ. राजीव पोतदार ने कांग्रेस के अतुल लोंढे को भारी अंतर से हराया। पोतदार को 682 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार केवल 130 वोट ही हासिल कर सके। यह परिणाम कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी को भी उजागर करता है, क्योंकि उसके कई संभावित समर्थक वोट विपक्षी उम्मीदवार तक नहीं पहुंच सके।
बीजेपी और एनसीपी ने बनाए जीत के रिकॉर्ड
बीजेपी ने सांगली-सातारा, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, अमरावती, धाराशिव, जलगांव और अन्य क्षेत्रों में शानदार जीत दर्ज की। वहीं अजित पवार गुट की एनसीपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी अपने हिस्से की अधिकांश सीटें जीतने में सफलता पाई। परभणी-हिंगोली सीट पर शिवसेना के सईद खान ने जीत दर्ज कर गठबंधन की स्थिति और मजबूत की। दूसरी ओर, कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार कई क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन तक नहीं कर सके।
विपक्ष के लिए चिंता का संकेत
लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष को मिली यह हार राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट का खाता तक नहीं खुलना यह संकेत देता है कि स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के बीच महायुती की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है। महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य होते हैं। इनमें से कुछ सदस्यों का चुनाव विधायक करते हैं, जबकि स्थानीय निकायों, शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के जरिए भी प्रतिनिधि चुने जाते हैं। इसके अलावा कुछ सदस्यों को राज्यपाल मनोनीत करते हैं।
महायुती का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव
विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में फिलहाल महायुती गठबंधन का राजनीतिक प्रभाव मजबूत बना हुआ है। हालांकि नासिक में गोकुल गीते की जीत ने यह भी दिखाया कि स्थानीय स्तर पर बागी उम्मीदवार भी समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं। अब सभी की नजर आने वाले चुनावों पर होगी, जहां यह देखा जाएगा कि महायुती अपनी इस बढ़त को बरकरार रख पाती है या विपक्ष वापसी करने में सफल होता है।
Published at : 22 Jun 2026, 11:53 am (IST)
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