केंद्र सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक, एक देश-एक चुनाव से संबंधित विधेयक, एफसीआरए संशोधन, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, एंटी डोपिंग बिल और अन्य कानूनी सुधारों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
By : Admin User | Updated at : 04 Jul 2026, 05:16 pm (IST)
केंद्र सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र की तारीखों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा।
इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, इस सत्र में राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बहस के साथ-साथ कई अहम विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। इनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक, एक देश-एक चुनाव से संबंधित विधेयक, एफसीआरए संशोधन, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, एंटी डोपिंग बिल और अन्य कानूनी सुधारों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों की अयोग्यता से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक और कॉर्पोरेट व सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़े विधेयकों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद होने वाला यह पहला संसदीय सत्र होगा। साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और संसद में बदलते समीकरणों का असर भी सदन की कार्यवाही में देखने को मिल सकता है।
सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है, जिससे यह मॉनसून सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Published at : 04 Jul 2026, 05:15 pm (IST)
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