RBI द्वारा वित्त वर्ष 2027 के लिए विकास दर का अनुमान बढ़ाने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती बढ़त देखने को मिली।
By : Admin User | Updated at : 06 Aug 2026, 10:06 am (IST)
भारतीय शेयर बाजार ने 6 अगस्त 2026 को सकारात्मक संकेतों के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में निवेशकों का उत्साह साफ दिखाई दिया, जिसके चलते बीएसई सेंसेक्स 161 अंकों से अधिक की बढ़त लेकर 78,742 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी मजबूती के साथ 24,636 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का ताजा मौद्रिक नीति निर्णय रहा। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और वित्त वर्ष 2027 के लिए देश की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया। इससे निवेशकों के बीच अर्थव्यवस्था को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी राहत भरी खबरें मिली हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड करीब आधा प्रतिशत गिरकर 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए सकारात्मक माहौल बना।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने भी भारतीय बाजार पर भरोसा जताते हुए अगस्त की शुरुआत में ही लगभग 1.27 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। विदेशी पूंजी का यह प्रवाह घरेलू बाजार की मजबूती का बड़ा आधार बन रहा है।
हालांकि एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, लेकिन भारतीय बाजार पर इसका खास असर नहीं पड़ा। जून तिमाही के बेहतर कॉरपोरेट नतीजों, मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों और लगातार विदेशी निवेश के चलते बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।
Published at : 06 Aug 2026, 10:06 am (IST)