ताइवान ने मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का रिकॉर्ड बनाया। जानिए TSMC, AI बूम, FIIs बिकवाली और भारतीय बाजार में गिरावट की पूरी वजह।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : Rashtriya Samachar
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार को बड़ा झटका लगा है। कुल मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक ताइवान का कुल शेयर बाजार मूल्यांकन बढ़कर करीब 4.95 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है, जबकि भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 4.92 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। इस बदलाव के बाद ताइवान अब अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।
AI और TSMC ने बदल दी तस्वीर
ताइवान की इस ऐतिहासिक बढ़त के पीछे सबसे बड़ा कारण दुनिया की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी TSMC रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती वैश्विक मांग ने कंपनी के शेयरों को जबरदस्त रफ्तार दी है। इस साल TSMC के शेयरों में करीब 49 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। खास बात यह है कि ताइवान के बेंचमार्क इंडेक्स में अकेले TSMC की हिस्सेदारी लगभग 42 फीसदी है। यही वजह है कि कंपनी में आई तेजी ने पूरे ताइवान बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर आने वाले वर्षों में वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। ऐसे में ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे टेक-आधारित बाजार निवेशकों को ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं।
भारत क्यों पिछड़ा?
हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, लेकिन शेयर बाजार इस साल कई दबावों से जूझ रहा है।
1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने इस साल भारतीय बाजार से करीब 24 बिलियन डॉलर की बिकवाली की है। इससे बाजार पर दबाव बढ़ा है।
2. महंगे वैल्यूएशन
विश्लेषकों के मुताबिक भारतीय बाजार लंबे समय से प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा था। ऐसे में निवेशक अब अपेक्षाकृत सस्ते और हाई-ग्रोथ टेक बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।
3. भू-राजनीतिक तनाव
ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। तेल कीमतें बढ़ने से भारत में महंगाई और चालू खाते के घाटे का खतरा बढ़ जाता है।
4. बाजार में कमजोरी
भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक इस साल करीब 8 फीसदी नीचे है। यह पिछले कई वर्षों की लगातार तेजी के बाद पहली बड़ी कमजोरी मानी जा रही है।
5. MSCI इंडेक्स में घटा वेटेज
MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में भारत का वेटेज घटकर 19 फीसदी से लगभग 12 फीसदी रह गया है, जिससे विदेशी निवेश का प्रवाह कमजोर पड़ा है।
आज बाजार में फिर गिरावट
मंगलवार 26 मई को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 200 अंक टूटकर 76,300 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,000 के नीचे फिसल गया। हालांकि एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जबकि जापान और हांगकांग के बाजारों में मिश्रित कारोबार रहा।
कौन रहे टॉप गेनर्स और लूजर्स?
टॉप गेनर्स
• टेक महिंद्रा
• इन्फोसिस
• टीसीएस
• एचसीएल टेक
• एसबीआई
• अदाणी पोर्ट्स
टॉप लूजर्स
• इंडिगो
• भारती एयरटेल
• सन फार्मा
• टाइटन
• बजाज फिनसर्व
• कोटक महिंद्रा बैंक
अर्थव्यवस्था में भारत अब भी मजबूत
शेयर बाजार वैल्यूएशन में पीछे होने के बावजूद वास्तविक अर्थव्यवस्था के मामले में भारत अब भी ताइवान से कई गुना आगे है। IMF के अनुमान के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की GDP लगभग 977 बिलियन डॉलर है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की दीर्घकालिक विकास क्षमता अब भी मजबूत है, लेकिन वैश्विक निवेशकों का फोकस फिलहाल AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर ज्यादा बना हुआ है।
Published at : 26 May 2026, 05:14 am (IST)
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