जांच के बाद तीन कंपनियों और संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
By : Admin User | Updated at : 11 Jul 2026, 02:28 pm (IST)
गुजरात के सूरत में किसानों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सब्सिडी युक्त नीम कोटेड यूरिया के कथित दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग की कार्रवाई में खुलासा हुआ कि खेती के लिए निर्धारित सरकारी यूरिया को कथित तौर पर औद्योगिक उपयोग के लिए फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा था।
सूरत सिटी के कृषि अधिकारी विशालकुमार रमेशभाई कोराट और उनकी टीम ने उधना-बमरोली रोड स्थित RN International के प्लांट पर छापेमारी की। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर से 405 बोरी नीम कोटेड यूरिया बरामद किया गया। प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम था। विभागीय जांच और लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बरामद यूरिया सरकारी सब्सिडी वाला कृषि उपयोग का यूरिया था।
जांच में सामने आया कि इस यूरिया की खरीद कथित तौर पर सूरत की श्री श्याम ट्रेडर्स नामक फर्म से अलग-अलग बिलों के जरिए दिखाई गई थी। लेकिन जब कृषि विभाग की टीम ने बताए गए पते पर जांच की तो वहां ऐसी कोई फर्म मौजूद नहीं मिली। इसके बाद फर्जी बिलिंग और दस्तावेजों के जरिए सरकारी यूरिया को डायवर्ट किए जाने की आशंका सामने आई।
जांच में यह भी पता चला कि दिल्ली की एक कंपनी के GST नंबर का कथित रूप से इस्तेमाल कर फर्जी नाम और पते से बिल तैयार किए गए थे। इन बिलों के माध्यम से सब्सिडी वाले यूरिया को किसानों के बजाय औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाने का आरोप है।
कृषि विभाग की शिकायत के आधार पर खटोदरा पुलिस ने RN International से जुड़े राज हेमंत डॉक्टर, नटवरलाल मोहनलाल नायक, मंथन हेमंतभाई डॉक्टर समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा श्री श्याम ट्रेडर्स और दिल्ली की ग्लोबल ब्रैकेट एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर 1985 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। अब पुलिस और कृषि विभाग की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें कितने लोगों की भूमिका शामिल है।
Published at : 11 Jul 2026, 02:28 pm (IST)