पश्चिम बंगाल STF ने दावा किया है कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल ने दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हिंसा फैलाने की साजिश रची थी। मामले में हमीम मंडल और उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया गया है।
By : Admin User | Updated at : 02 Aug 2026, 12:57 pm (IST)
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। STF के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हमीम मंडल दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हिंसा और तोड़फोड़ फैलाने की साजिश रच रहा था। मामले में उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया है।
पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क का दावा
STF के आईजी गौरव शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच में हमीम मंडल के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह लगातार एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निर्देश प्राप्त कर रहा था।
झारखंड से गिरफ्तार हुई कथित सहयोगी.
जांच के दौरान तकनीकी निगरानी की मदद से झारखंड के साहिबगंज जिले में अर्पिता सरकार की लोकेशन का पता लगाया गया। STF ने उसे हिरासत में लेकर पश्चिम बंगाल लाया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों के अनुसार, उसकी भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए होता था संपर्क
STF के मुताबिक, आरोपी हमीम मंडल व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड चैट एप्लिकेशन के जरिए अपने कथित हैंडलर्स से संपर्क में रहता था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित कर नेटवर्क का विस्तार करने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस की वर्दी खरीदने का निर्देश मिलने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में हमीम ने बताया कि उसे पाकिस्तान के एक नागरिक से पुलिस की वर्दियां खरीदने का निर्देश मिला था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन वर्दियों का इस्तेमाल दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान घुसपैठ और हिंसा फैलाने की योजना में किया जाना था। हालांकि, यह योजना कथित रूप से पूरी नहीं हो सकी।
पेट्रोल बम और अन्य साजिशों की भी जांच
STF का दावा है कि आरोपी ने प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल बम फेंकने के लिए लोगों की तलाश भी की थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा नेटवर्क कितना व्यापक था। स्थानीय मंत्री को भी बनाया गया था कथित निशाना जांच अधिकारियों के अनुसार, मामले में यह भी सामने आया है कि पश्चिम बंगाल के स्थानीय मंत्री उमेश राय को कथित तौर पर निशाना बनाने की योजना थी। STF का दावा है कि इस सिलसिले में हनी ट्रैप की साजिश रचने की भी जांच की जा रही है।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। जांच से जुड़े कई दावे अभी एजेंसियों के प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित हैं और अदालत में उनकी पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
Published at : 02 Aug 2026, 12:57 pm (IST)