नोएडा के सेक्टर-123 में ट्यूबवेल की खुली टंकी में गिरने से 4 साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों ने नोएडा अथॉरिटी पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
By : Admin User | Updated at : 02 Aug 2026, 12:32 pm (IST)
उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-123 में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ट्यूबवेल की खुली टंकी में गिरने से चार साल के मासूम फिरोज आलम उर्फ गोलू की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब बच्चा पानी पीने के लिए गया था और अचानक पानी से भरी टंकी में गिर गया।
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-113 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मजदूर परिवार का इकलौता सहारा था मासूम
मृतक फिरोज आलम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का रहने वाला था। उसका परिवार नोएडा के सेक्टर-123 स्थित झुग्गी बस्ती में रहता है। बच्चे के पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नोएडा अथॉरिटी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि ट्यूबवेल और पानी से भरे गड्ढे के आसपास न तो कोई सुरक्षा घेराबंदी थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। घटना के समय मौके पर अथॉरिटी का कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में भी बारिश के पानी से भरे करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से छह साल के बच्चे की मौत हो गई थी।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निर्माण स्थलों, खुले ट्यूबवेल और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले गड्ढों और ट्यूबवेल के आसपास तत्काल सुरक्षा घेराबंदी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Published at : 02 Aug 2026, 12:30 pm (IST)