भरुच जिलक के जंबूसर निवासी रिजवान इस्माइल मेदा ने UK में रहने के लिए तस्लीमा बानू को अपनी पत्नी बताकर निकाह का झूठा प्रमाण प्रस्तुत किया था। इसके लिए तस्लीमाबानू और अन्य आरोपियों की मदद से जाली कागजात व फर्जी मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करवाया।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
भरुच. विदेश भेजने के गुजरात के भरूच जिले में विदेश भेजने के नाम पर फर्जी शादी और फर्जी तलाक का बड़ा घोटाला सामने आया है। इसमें UK, कनाडा में रह रहे आरोपियों की भी भूमिका सामने आई है। इस मामले में वकील को भी नामजद किया गया है। पुलिस को आशंका है कि वीजा के लिए कबूतरबाजी का एक रैकेट चल रहा है। पालेज पुलिस को मिली एक एप्लीकेशन की जांच में पाया गया कि भरुच जिलक के जंबूसर निवासी रिजवान इस्माइल मेदा ने UK में रहने के लिए तस्लीमा बानू को अपनी पत्नी बताकर निकाह का झूठा प्रमाण प्रस्तुत किया था। इसके लिए तस्लीमाबानू और अन्य आरोपियों की मदद से जाली कागजात व फर्जी मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करवाया।
पुलिस जांच में पता चला कि रिजवान मेदा ने एजेंट शोएब से संपर्क कर तस्लीमाबानू का UK वीजा पत्नी के रूप में अप्लाई करवाया। जिसके आधार पर फरवरी 2024 में 2024 में रिजवान को डिपेंडेंट वीजा पर UK बुला लिया गया। इसके बाद शुरू हुआ पैसों के लेन-देन का विवाद। इसी बीच खुद ‘फर्जी पति’ यानी रिजवान मेदा ने खुद को पीडित बताते हुए अपने मित्र मिन्हाज याकूब को पॉवर ऑफ अटॉनी देकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पालेज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आनंद चौधरी के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया के बदले तस्लीमाबानू के परिवार ने रिजवान मेडा को 3.5 लाख रुपये देने का वादा किया था। पुलिस इंस्पेक्टर चौधरी ने बताया कि तस्लीमाबानू के यूके पहुंचने के बाद 35 लाख के भुगतान को लेकर विवाद शुरू हो गया।
इसी बीच, रिजवान मेडा अपनी असली शादी करना चाहता था और अपनी असली पत्नी को यूके ले जाना चाहता था, लेकिन कागजों में तस्लीमाबानू उसकी पत्नी थी,जो उसके लिए मुसीबत बन गई थी। पूलिस जांच में एक और जानकारी लगी कि रिजवान मेडा को तस्लीमाबानू के ‘डिपेंडेंट वीजा’ की जिम्मेदारी से मुक्तकरने के लिए तस्लीमाबानू के यूके निवासी भाई फैजल ने एक और फर्जीवाड़ा कर कंथारिया के एक वकील साजिद कोठिया से संपर्क कर भरूच कोर्ट की एक ‘फर्जी तलाक की डिक्री’ तैयार करवा कर दी। इस जाली डिक्री का उपयोग रिजवान और तस्लीमाबानू ने यूके में अपने तलाक को साबित करने के लिए किया।
पुलिस ने अब रिजवान मेडा, तस्लीमाबानू,उसके भाई फैजल और वकील साजिद कोठिया के खिलाफ धारा 467, 468, 471 (जालसाजी और फर्जी दस्तावेज का उपयोग), 120B (आपराधिक साजिश), 177 (गलत जानकारी देना) और 114 के तहत मामला दर्ज किया है। उधर, वकील साजिद कोठिया भी कनाडा फरार हो गया है। पुलिस अब ब्रिटिश उच्चायोग और दूतावास को पत्र लिख रही है। पुलिस का कहना है कि रिजवान,तस्लीमाबानू और फैजल को यूके से भारत लाने की तैयारी है।
Published at : 09 Jan 2026, 11:52 am (IST)