यह दुनिया का पहला साप्ताहिक बेसल इंसुलिन है, जिसे हफ्ते में केवल एक बार लेना होगा। यह टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए विकसित किया गया है और इससे रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लेने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी।
By : Admin User | Updated at : 09 Jul 2026, 04:08 pm (IST)
डायबिटीज के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। डेनमार्क की प्रमुख फार्मा कंपनी Novo Nordisk ने भारत में Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च किया है। यह दुनिया का पहला ऐसा बेसल इंसुलिन है, जिसे रोजाना नहीं बल्कि सप्ताह में सिर्फ एक बार लेना होता है। इस नई दवा से लाखों डायबिटीज मरीजों के लिए उपचार पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।
अब तक टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को हर दिन इंसुलिन का इंजेक्शन लगवाना पड़ता था, यानी सालभर में लगभग 365 इंजेक्शन। लेकिन Awiqli के आने के बाद यह संख्या घटकर साल में केवल 52 इंजेक्शन रह जाएगी। इससे मरीजों को बार-बार इंजेक्शन लगाने की परेशानी से राहत मिलेगी और इलाज का पालन करना भी आसान होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, Awiqli शरीर में पहुंचने के बाद एल्ब्यूमिन प्रोटीन से जुड़ जाता है और पूरे सप्ताह धीरे-धीरे आवश्यक मात्रा में इंसुलिन छोड़ता रहता है। यही वजह है कि इसे केवल सप्ताह में एक बार किसी भी तय दिन पर लेना पर्याप्त होता है। इस दवा को फ्लेक्सटच (FlexTouch) पेन डिवाइस के जरिए आसानी से लगाया जा सकता है।
क्लीनिकल ट्रायल में इस इंसुलिन के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। परीक्षणों में पाया गया कि Awiqli ने मरीजों का HbA1c स्तर प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया और लंबे समय तक ब्लड शुगर को सामान्य सीमा में बनाए रखने में मदद की। साथ ही इसकी सुरक्षा भी रोजाना इस्तेमाल होने वाले बेसल इंसुलिन के बराबर पाई गई।
भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, देश में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाई ब्लड शुगर और टाइप-2 डायबिटीज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सप्ताह में एक बार दिए जाने वाले इस इंसुलिन से मरीजों के लिए इलाज अधिक सुविधाजनक होगा, दवा लेने में नियमितता बढ़ेगी और लंबे समय तक ब्लड शुगर नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी भी मरीज को यह इंसुलिन केवल डॉक्टर की सलाह और चिकित्सकीय निगरानी में ही शुरू करना चाहिए।
Published at : 09 Jul 2026, 04:04 pm (IST)