जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को बीजेपी ने कानूनी नोटिस भेजा है। पार्टी ने 20-30 करोड़ रुपये के ऑफर वाले आरोपों पर सबूत मांगते हुए 100 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी है।
By : Admin User | Updated at : 13 Jul 2026, 04:47 pm (IST)
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है। बीजेपी ने मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने या सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई के अनुसार, यह नोटिस डाक और ई-मेल दोनों माध्यमों से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। पार्टी का कहना है कि उमर अब्दुल्ला ने बिना किसी प्रमाण के बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
क्या कहा था उमर अब्दुल्ला ने?
पूरा विवाद पिछले सप्ताह हजरतबल में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के एक कार्यक्रम में दिए गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि उनकी पार्टी के विधायकों को 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और अन्य राजनीतिक लाभ का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू क्षेत्र के उनकी पार्टी के एक विधायक ने उन्हें खुद इस कथित पेशकश की जानकारी दी थी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब पैसों और मंत्री पद का लालच काम नहीं आया तो बीजेपी ने कथित तौर पर यह संदेश देना शुरू किया कि यदि विधायक उनके साथ आते हैं तो जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने में मदद की जाएगी।
बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार
बीजेपी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत है तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। अन्यथा उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
पार्टी ने साफ किया है कि यदि सात दिनों के भीतर न तो सबूत दिए गए और न ही माफी मांगी गई, तो उमर अब्दुल्ला के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा अदालत में दायर किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला ने जताया विधायकों पर भरोसा
अपने भाषण के दौरान उमर अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी के विधायकों पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का कोई भी विधायक पैसों या पद के लालच में अपनी निष्ठा नहीं बदलेगा। उनके अनुसार, उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास और अपनी जिम्मेदारी को किसी भी कीमत पर नहीं बेचेंगे।
फिलहाल इस मामले ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बीजेपी के नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या यह राजनीतिक टकराव अदालत तक पहुंचता है।
Published at : 13 Jul 2026, 04:47 pm (IST)