केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों से सरकारी बैठकों, कैंटीन और कार्यक्रमों में सरकारी कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी की 'यूल टी' परोसने का आग्रह किया है। इस फैसले का मकसद आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही सरकारी कंपनी को संस्थागत समर्थन देना है।
By : Admin User | Updated at : 27 Jul 2026, 04:03 pm (IST)
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड (AYCL) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से आग्रह किया है कि सरकारी बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में 'यूल टी' (Yule Tea) परोसी जाए। मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी मंत्रालय अपने अधीन आने वाले कार्यालयों और संस्थानों को इस सरकारी ब्रांड की चाय के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें। यदि यह पहल व्यापक स्तर पर लागू होती है, तो देशभर के सरकारी दफ्तरों में 'यूल टी' प्रमुख चाय ब्रांड बन सकती है।
सरकारी कंपनी को मिलेगा सहारा
'यूल टी' सरकारी कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड का ब्रांड है, जो भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करती है। कंपनी लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में सरकार का मानना है कि सरकारी संस्थानों में इसके उत्पादों के उपयोग से कंपनी को स्थायी बाजार और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
15 चाय बागानों से होता है उत्पादन
एंड्रयू यूल एंड कंपनी असम और पश्चिम बंगाल में 15 चाय बागानों का संचालन करती है। कंपनी ऑर्थोडॉक्स, CTC, ग्रीन और फ्लेवर्ड चाय का उत्पादन करती है। वर्षों से यह टी बोर्ड के माध्यम से संसद तक भी चाय की आपूर्ति करती रही है। यह पहल संसद की स्थायी उद्योग समिति की सिफारिश के बाद सामने आई है। समिति ने सुझाव दिया था कि सरकार अपने मंत्रालयों और विभागों के माध्यम से एंड्रयू यूल के उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दे, ताकि सरकारी कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की चाय को ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ा है।
'मन की बात' में भी छाई चाय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 'मन की बात' कार्यक्रम में चाय के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि अपनापन, संवाद और रिश्तों का प्रतीक है। पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की महिलाओं द्वारा तैयार 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय' का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस हर्बल चाय में लेमनग्रास, तुलसी, गिलोय, मुलेठी, दालचीनी, इलायची, सौंफ और कच्ची हल्दी जैसे प्राकृतिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया है। प्रधानमंत्री ने इसे महिला आत्मनिर्भरता और स्थानीय नवाचार का बेहतरीन उदाहरण बताया।
Published at : 27 Jul 2026, 04:03 pm (IST)
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