ओडिशा की स्कूली किताबों में सामने आई गंभीर गलतियों पर सियासी विवाद बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से इस्तीफे की मांग की है। जानिए पूरा मामला।
By : Admin User | Updated at : 27 Jul 2026, 05:10 pm (IST)
भुवनेश्वर: ओडिशा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में सामने आई गंभीर गलतियों को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से इस्तीफे की मांग कर दी है। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े इतने अहम मामले में बार-बार लापरवाही सामने आना बेहद गंभीर है और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
नवीन पटनायक ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जा रही कई पाठ्यपुस्तकों में तथ्यात्मक, भाषाई और व्याकरण संबंधी गंभीर गलतियां मिली हैं। उनका कहना है कि ऐसी त्रुटियां छात्रों की पढ़ाई और भविष्य दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा मंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने स्तर पर जिम्मेदारी ली थी, उसी तरह ओडिशा के शिक्षा मंत्री को भी उदाहरण पेश करना चाहिए।
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में राज्य की कई स्कूली किताबों में वर्तनी, व्याकरण और तथ्यात्मक गलतियां सामने आईं। कुछ पुस्तकों में ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से प्रकाशित किया गया, जबकि कई जगहों पर छपाई की त्रुटियों के कारण छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ा। इन गलतियों के सामने आने के बाद अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई और गुणवत्तापूर्ण व प्रमाणिक शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।
BJD ने लगाए गंभीर आरोप
बीजू जनता दल (BJD) ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा और गुणवत्ता जांच में लापरवाही बरती, जिसकी वजह से इतनी बड़ी संख्या में गलतियां छात्रों तक पहुंच गईं। पार्टी का कहना है कि पिछले कई सप्ताह से वह इस मुद्दे को लगातार उठा रही है, लेकिन सरकार ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की।
सरकार पर बढ़ा दबाव
पाठ्यपुस्तकों की त्रुटियों को लेकर पूरे राज्य में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार ने पुस्तकों में सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस विवाद पर क्या फैसला लेती है और शिक्षा विभाग में जवाबदेही तय करने के लिए आगे कौन-से कदम उठाए जाते हैं।
Published at : 27 Jul 2026, 05:10 pm (IST)