भारत अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि गुजरात के सानंद में बने चिप्स का निर्यात देशों को किया जाएगा। इससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
By : Admin User | Updated at : 05 Jul 2026, 03:05 pm (IST)
भारत सेमीकंडक्टर उद्योग में एक बड़े वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि गुजरात के सानंद स्थित CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा में बने चिप्स का उपयोग न केवल भारत में किया जाएगा, बल्कि इन्हें जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों को भी निर्यात किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह सुविधा भारत के ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जहां बनने वाले चिप्स का उपयोग कारों, स्कूटरों और विभिन्न तकनीकी उपकरणों में किया जाएगा। उन्होंने इसे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस परियोजना को भारत को सेमीकंडक्टर और भविष्य की आईटी का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सानंद में यह सुविधा भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का हिस्सा है, जो आने वाले समय में एक बड़े क्लस्टर के रूप में विकसित होगा।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि किसी भी देश की आईटी लीडरशिप अलग-अलग कारखानों से नहीं, बल्कि मजबूत औद्योगिक क्लस्टर से बनती है। उन्होंने अमेरिका की सिलिकॉन वैली और जापान व ताइवान के तकनीकी हब का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस परियोजना के तहत माइक्रोन, केन्स और CG सेमी जैसी कंपनियां पहले ही उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जिससे भारत में सेमीकंडक्टर क्लस्टर का विकास तेजी से हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि यह इकोसिस्टम चिप पैकेजिंग से आगे बढ़कर डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल सप्लाई और स्टार्टअप्स तक फैले, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सके।
Published at : 05 Jul 2026, 03:05 pm (IST)
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