जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो किताबों में कथित आपत्तिजनक और विवादित सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने UAPA समेत कई धाराओं में FIR दर्ज की है। प्रशासन ने दोनों किताबों को वापस लेने, संबंधित प्रकाशकों को ब्लैकलिस्ट करने और मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
By : Admin User | Updated at : 05 Jul 2026, 11:19 am (IST)
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो पुस्तकों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इन पुस्तकों में कथित तौर पर आतंकी हाफिज सईद, प्रतिबंधित संगठन JKLF के संस्थापक मकबूल भट और कई अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किए जाने के आरोप लगे हैं। मामले में पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने UAPA और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विवादित पुस्तकों में 'पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ J&K' (लेखक: हिलाल अहमद और संतोष मीना, प्रकाशक: ओबेरॉय बुक सर्विस, जम्मू) तथा 'ग्रेट पर्सनैलिटी ऑफ जम्मू-कश्मीर' (लेखक: सुशांत गिरी, प्रकाशक: अनुराग प्रकाशन, दिल्ली) शामिल हैं।
किताबों पर लगे प्रमुख आरोप
मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद को कथित रूप से महान हस्तियों में शामिल किया गया।
JKLF के संस्थापक मकबूल भट को "शहीद" बताया गया।
अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर शाह और मीरवाइज उमर फारूक को प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया।
जम्मू-कश्मीर को कथित तौर पर "भारत अधिकृत कश्मीर" और "भारत के कब्जे वाला कश्मीर" जैसे शब्दों से संबोधित किया गया।
प्रशासन के अनुसार इन पुस्तकों की प्रतियां सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में भेजी गई थीं। विवाद सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों किताबों को वापस लेने का आदेश जारी किया। साथ ही संबंधित लेखकों और प्रकाशकों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है तथा उनके प्रकाशित अन्य प्रिंटेड सामग्री को भी वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने एक प्रकाशक के कार्यालय पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Published at : 05 Jul 2026, 11:19 am (IST)
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