महाराष्ट्र FDA ने कैडिला फार्मास्युटिकल्स की कुछ Aciloc दवाओं की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। ब्रांड नाम में समानता के कारण ₹2.45 करोड़ का स्टॉक जब्त किया गया। जानिए पूरा मामला।
By : Admin User | Updated at : 12 Jul 2026, 03:21 pm (IST)
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दवा निर्माता कैडिला फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी कुछ दवाओं की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्यभर में कंपनी की करीब ₹2.45 करोड़ मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई दवाओं के ब्रांड नाम में समानता के कारण मरीजों, डॉक्टरों और फार्मासिस्टों के बीच भ्रम की आशंका को देखते हुए की गई।
FDA की कार्रवाई 'Aciloc 150', 'Aciloc 300', 'Aciloc 150 Plus' और 'Aciloc 300 Plus' नाम की दवाओं से जुड़ी है। अधिकारियों के अनुसार, इन दवाओं में अलग-अलग सक्रिय औषधीय तत्व (API) होने के बावजूद इनके नाम बेहद मिलते-जुलते हैं, जिससे गलत दवा दिए जाने का खतरा बढ़ सकता है। महाराष्ट्र FDA ने कंपनी को निर्देश दिया है कि इन दवाओं का उपलब्ध स्टॉक तत्काल बाजार से वापस मंगाया जाए। इसके अलावा Aciloc 150 Plus और Aciloc 300 Plus की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि यदि किसी दवा का ब्रांड नाम दूसरी दवा से इतना मिलता-जुलता हो कि डॉक्टर, फार्मासिस्ट या मरीज भ्रमित हो जाएं, तो यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज को गलत दवा मिलने की आशंका रहती है, जिससे इलाज प्रभावित हो सकता है।
जांच में सामने आया कि कंपनी को पहले रैनिटिडीन आधारित Aciloc 150 और Aciloc 300 के निर्माण की मंजूरी मिली थी। बाद में कंपनी ने फैमोटिडीन आधारित Aciloc 150 Plus और Aciloc 300 Plus लगभग समान ब्रांडिंग के साथ बाजार में उतार दिए। FDA का मानना है कि यह दवा नामकरण संबंधी दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
9 और 10 जुलाई को FDA की टीम ने पुणे, नागपुर और ठाणे जिले के भिवंडी स्थित कंपनी के गोदामों में निरीक्षण किया। इस दौरान कुल ₹2,45,37,490 मूल्य की दवाएं जब्त की गईं। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। महाराष्ट्र FDA ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Published at : 12 Jul 2026, 03:21 pm (IST)
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