उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में मासूम आरव की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। एकतरफा प्रेम और बदले की भावना में आरोपी ने बच्चे की हत्या कर दी। आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
By : Admin User | Updated at : 11 Jul 2026, 11:33 am (IST)
30 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि विराज उर्फ जितेंद्र पाठक नामक युवक ने एकतरफा प्रेम और बदले की भावना में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। बताया गया कि वह आरव की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन विवाह से इनकार किए जाने के बाद उसने परिवार को मानसिक आघात पहुंचाने के उद्देश्य से मासूम को निशाना बनाया।
घटना के दिन आरोपी बच्चे को बहाने से अपने साथ ले गया और सड़क पर पटककर उसकी हत्या कर दी। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, मौके से साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए।
जांच प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने केवल 6 दिनों के भीतर चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। इसके बाद जिला अदालत में मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष ने एक गवाह प्रस्तुत किया।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर 9 जुलाई 2026 को अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया। इसके अगले दिन 10 जुलाई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई। सरकारी अधिवक्ता के अनुसार, फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी ने अदालत परिसर के भीतर स्वयं को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया।
महज 40 दिनों में जांच, आरोपपत्र, गवाहों की गवाही और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आया यह फैसला त्वरित न्याय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ जुनूनी अपराधों और उनसे जुड़े निर्दोष परिवारों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी।
Published at : 11 Jul 2026, 10:35 am (IST)
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