एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6% कर दिया है। हालांकि, यह अनुमान IMF के 6.4% के पूर्वानुमान से अधिक है। ADB का कहना है कि भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा।
By : Admin User | Updated at : 09 Jul 2026, 05:07 pm (IST)
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने अपनी ताजा Asian Development Outlook रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर नया अनुमान जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 (FY27) में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है। इससे पहले अप्रैल में ADB ने भारत की विकास दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे घटा दिया गया है।
ADB के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) की लागत में इजाफा और उपभोक्ताओं की मांग में नरमी जैसे कारणों से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि विकास दर के अनुमान में संशोधन किया गया है।
हालांकि, बैंक ने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और यह दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगी। ADB का नया अनुमान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 6.4 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत देता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार की नीतिगत सुधार, विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाले कदम, ईंधन करों में संभावित राहत, चुनिंदा क्षेत्रों के लिए क्रेडिट सपोर्ट, सेवा क्षेत्र के निर्यात में मजबूती और सार्वजनिक पूंजीगत खर्च (Public Capital Expenditure) आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ADB ने वित्त वर्ष 2028 (FY28) के लिए भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान बरकरार रखा है। यह अनुमान भी IMF के 6.7 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है, जिससे आने वाले वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।
महंगाई को लेकर भी ADB ने अपना अनुमान संशोधित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए FY27 के लिए महंगाई का अनुमान 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, FY28 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4 प्रतिशत पर ही कायम रखा गया है।
कुल मिलाकर, ADB का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में भी वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बनी रह सकती है।
Published at : 09 Jul 2026, 05:07 pm (IST)