देशभर में मानसून का असर तेज हो गया है। उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से 1000 यात्री फंसे, यूपी में बारिश से 10 लोगों की मौत, राजस्थान में ट्रेनें रद्द, हिमाचल में स्कूल बंद और केरल में लैंडस्लाइड में मृतकों की संख्या बढ़ी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
By : Admin User | Updated at : 10 Jul 2026, 11:50 am (IST)
देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून ने सामान्य समय से पहले पूरे देश को कवर कर लिया। जहां आमतौर पर मानसून को पूरे भारत में पहुंचने में लगभग 38 दिन लगते हैं, वहीं इस बार यह केवल 36 दिनों में ही पूरे देश में फैल गया। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों के बाद मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है।
सबसे गंभीर स्थिति उत्तराखंड में देखने को मिल रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब एक हजार श्रद्धालु और यात्री रास्ते में फंस गए हैं। प्रशासन राहत और मार्ग बहाली के कार्य में जुटा हुआ है।
बारिश के चलते राज्य के कई जिलों में हालात बिगड़ने लगे हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर चट्टानें गिरने से आवाजाही रोक दी गई है, जबकि हरिद्वार में कई इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एहतियात के तौर पर उत्तराखंड के 10 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
टिहरी जिले में भी लगातार बारिश के कारण नई टिहरी स्थित सरकारी आवासीय परिसर के पास भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने समय रहते तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर संभावित हादसे को टाल दिया।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश जानलेवा साबित हुई। राज्य के 69 शहरों में हुई बारिश के दौरान अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की जान चली गई। वहीं हरदोई में नदी के तेज बहाव में दो बहनें बह गईं। प्रशासन कई जिलों में राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
राजस्थान में भी भारी बारिश का असर साफ दिखाई दिया। धौलपुर में एक मकान गिरने से छह लोग मलबे में दब गए, जबकि अजमेर के किशनगढ़ में कच्चा मकान ढहने से माता-पिता और उनका बच्चा मलबे में फंस गया। लगातार बारिश के कारण राज्य में छह ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई इलाकों में जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ और जगह-जगह पेड़ गिरने के कारण लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
केरल के वायनाड जिले में सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। शुक्रवार को मलबे से एक और शव बरामद किया गया। बचाव दल अब भी लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। यह हादसा 7 जुलाई को वायनाड और कोझिकोड को जोड़ने वाली अनाक्कमपोयिल-मेप्पडी सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर हुआ था।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भी भारी बारिश को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने जिले में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़ और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस बीच मौसम विभाग ने मानसून की रफ्तार में संभावित कमी की भी जानकारी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलीपींस के उत्तर में प्रशांत महासागर में बना सुपर टायफून 'बावी' ताइवान और चीन की ओर बढ़ रहा है। इस शक्तिशाली तूफान का प्रभाव बंगाल की खाड़ी तक महसूस किया जा रहा है, जिससे वहां नया वर्षा तंत्र बनने में देरी हो सकती है। हालांकि छत्तीसगढ़ के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले चार दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज-चमक, तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
Published at : 10 Jul 2026, 11:50 am (IST)
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