मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी, बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिहार के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
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Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
पटना, 4 अक्टूबर। बैठक के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दल जनतंत्र की आधारशिला हैं, सभी दलों को पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के हर पड़ाव पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। आयोग ने कहा कि चुनाव के पर्व को सौहार्द से मनायें, मतदाताओं का सम्मान करें । आयोग ने आह्वान किया कि चुनाव की पारदर्शिता का अनुभव करें, हर बूथ पर राजनीतिक दल अपने पोलिंग एजेंट नामित करना न भूलें।
चुनाव आयोग ने कहा कि तमाम राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिये विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के ऐतिहासिक, पारदर्शी और दृढ़ कदम उठाने के लिये धन्यवाद किया और चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपनी पूरी निष्ठा और विश्वास को दोहराया। राजनीतिक दलों ने मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाताओं की अधिकतम संख्या निर्धारित करने के लिये आयोग का धन्यवाद किया। राजनीतिक दलों ने बिहार के मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की मांग की और चुनाव को कम से कम चरणों में कराने का सुझाव दिया है। चुनाव आयोग की ओर से हाल ही में उठाए गए कई नए कदमों, जैसे पोस्टल वोटों की गिनती एवं फॉर्म 17सी संबंधी प्रावधानों की व्यापक सराहना की गई । सभी दलों ने चुनाव आयोग पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूर्णत: पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग में पूरा विश्वास जताया।
इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने को लेकर दो चरणों में चुनाव संपन्न कराने का सुझाव दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बैठक के बाद बताया कि पार्टी ने आयोग से आग्रह किया है कि आगामी चुनाव एक या दो चरणों में कराए जाएं, ताकि प्रशासनिक प्रबंधन सुचारु रूप से किया जा सके। चुनाव आयोग से उन्होंने पूरे राज्य में केंद्रीय बलों की व्यापक तैनाती किये जाने की मांग भी की।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने कहा कि दियारा (नदी के बीच में बालू से अच्छादित क्षेत्र) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में, जहां पूर्व में बूथ लूट की घटनाएं सामने आई हैं, वहां किसी भी परिस्थिति में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात रखा जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मतदान केंद्रों पर आने वाली बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान सुनिश्चित की जाए, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
भाजपा ने आयोग से यह भी अनुरोध किया कि सभी मतदाताओं को मतदान से 24 घंटे पहले एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि वे चुनाव के प्रति सजग और तैयार रहें। पार्टी ने राज्य में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने की मांग भी की है। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाने चाहिए।
बैठक के बीच राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी, बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल तथा आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिहार के सभी 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा जारी है"।

Published at : 04 Oct 2025, 10:12 am (IST)
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