सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ क्या है? किसने शुरू की, क्यों वायरल हुई और क्या है इसका घोषणापत्र? जानिए इस इंटरनेट मूवमेंट की पूरी कहानी।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : Rashtriya Samachar
क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’
देश की राजनीति में नई पार्टियों का बनना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार इंटरनेट पर जिस ‘पार्टी’ की चर्चा हो रही है, उसकी कहानी पूरी तरह अलग है। न कोई बड़ी रैली, न मंच, न पोस्टर और न झंडों की भीड़… फिर भी सोशल मीडिया पर हर तरफ सिर्फ एक नाम ट्रेंड कर रहा है—‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)। मीम्स, व्यंग्य और युवाओं की नाराजगी के बीच शुरू हुई यह डिजिटल मुहिम अब इंटरनेट पर बड़ा ट्रेंड बन चुकी है। दावा किया जा रहा है कि लॉन्च होने के कुछ ही दिनों में हजारों लोग इससे जुड़ चुके हैं। कई यूजर्स इसे सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि सिस्टम से निराश युवाओं की आवाज मान रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
यह ट्रेंड उस वक्त शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ. इसके बाद इंटरनेट पर कई यूजर्स ने युवाओं, बेरोजगारी और सिस्टम को लेकर नाराजगी जाहिर की. इसी माहौल में 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक डिजिटल आंदोलन शुरू हुआ, जिसने मीम्स, व्यंग्य और राजनीतिक नाराजगी को मिलाकर सोशल मीडिया पर तेजी से पकड़ बना ली.

इस पहल की शुरुआत 30 वर्षीय अभिजीत डिपके ने की। वे पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलंटियर के तौर पर काम कर चुके हैं और फिलहाल अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने 16 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक गूगल फॉर्म शेयर कर लोगों को इस ‘पार्टी’ से जुड़ने का न्योता दिया। इसके बाद देखते ही देखते यह नाम इंटरनेट पर वायरल हो गया।
क्यों रखा गया ‘कॉकरोच’ नाम?
पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके का कहना है कि यह नाम सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि एक प्रतीक है। उनके मुताबिक, अगर व्यवस्था से सवाल पूछने वालों को ‘कॉकरोच’ कहा जाता है, तो वही पहचान अपनाकर सिस्टम की सड़न को उजागर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “कॉकरोच गंदगी और सड़न में पैदा होते हैं। यह नाम मौजूदा सिस्टम की हालत और लोगों की नाराजगी को दर्शाने के लिए चुना गया है।”
पार्टी का घोषणापत्र क्यों हो रहा वायरल?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का घोषणापत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसकी वजह यह है कि इसमें व्यंग्य और गंभीर राजनीतिक मांगों का अनोखा मिश्रण दिखाई देता है।
मेनिफेस्टो में शामिल कुछ प्रमुख बातें:
• महिलाओं को 50% आरक्षण
• पार्टी बदलने वाले सांसदों-विधायकों पर 20 साल का चुनावी बैन
• रिटायरमेंट के बाद मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा पद न देने की मांग
• चुनावों में वैध वोट हटाने पर सख्त कार्रवाई
• NEET विवाद से जुड़े छात्रों का समर्थन
पार्टी की टैगलाइन भी लोगों का ध्यान खींच रही है Voice of the lazy and unemployed यानी “आलसी और बेरोजगारों की आवाज।”
कौन बन सकता है सदस्य?
पार्टी की वेबसाइट के मुताबिक सदस्य बनने के लिए व्यक्ति में कुछ ‘खास योग्यताएं’ होनी चाहिए:
• बेरोजगार होना
• हमेशा ऑनलाइन रहना
• प्रोफेशनल तरीके से शिकायत और गुस्सा जाहिर करना
हालांकि, यह पूरी अवधारणा व्यंग्य और इंटरनेट कल्चर के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश मानी जा रही है।
नेताओं की एंट्री से और बढ़ी चर्चा
इस ट्रेंड ने तब और सुर्खियां बटोरीं, जब तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने भी सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। कीर्ति आजाद ने पूछा कि पार्टी में शामिल होने की योग्यता क्या है? इस पर पार्टी की तरफ से जवाब आया — 1983 वर्ल्ड कप जीतना काफी योग्यता है।” इसके बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और पोस्ट्स की बाढ़ आ गई।
मजाक या नया डिजिटल आंदोलन?
फिलहाल यह साफ नहीं है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सिर्फ एक इंटरनेट ट्रेंड बनकर रह जाएगी या आगे चलकर किसी बड़े सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन का रूप लेगी। लेकिन इतना जरूर है कि इसने यह दिखा दिया है कि आज के दौर में मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया युवाओं की नाराजगी और राजनीतिक असंतोष को व्यक्त करने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। इंटरनेट पर लोग अब यही सवाल पूछ रहे हैं क्या यह सिर्फ मजाक है, या आने वाले समय की नई राजनीति का संकेत?
Published at : 20 May 2026, 01:16 pm (IST)
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