अखिलेश यादव ने इसे सरकार की कार्यशैली पर सवाल बताते हुए कहा कि ऐसी सड़क पर आम लोग सुरक्षित यात्रा कैसे कर सकते हैं, जो कुछ ही सप्ताह में टूटने लगे। उन्होंने प्रस्तावित 'अटल प्रगति मार्ग' परियोजना पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कहीं सिर्फ कागजों तक ही सीमित न रह जाए।
By : Admin User | Updated at : 06 Aug 2026, 05:28 pm (IST)
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हाल ही में उद्घाटन की गई सड़क की खराब स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि सड़क उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गई और उसकी मरम्मत के दौरान पैच को सुखाने के लिए बिजली के पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने इसे सरकार की कार्यशैली पर सवाल बताते हुए कहा कि ऐसी सड़क पर आम लोग सुरक्षित यात्रा कैसे कर सकते हैं, जो कुछ ही सप्ताह में टूटने लगे। उन्होंने प्रस्तावित 'अटल प्रगति मार्ग' परियोजना पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कहीं सिर्फ कागजों तक ही सीमित न रह जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासन में बनने वाली कई निर्माण परियोजनाएं समय से पहले खराब हो जाती हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सपा प्रमुख ने अपने बयान में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कई विकास परियोजनाएं या तो धंस जाती हैं, टूट जाती हैं या फिर जल्द ही मरम्मत की जरूरत पड़ने लगती है। उन्होंने इसे निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।
वहीं, इस मामले पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भी अपना पक्ष रखा है। प्राधिकरण के अनुसार, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 64वें किलोमीटर के पास लगभग 300 मीटर क्षेत्र में 26 जुलाई 2026 को भूस्खलन और सड़क क्षति की पहचान की गई थी। इसके बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया गया और पूरे क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
NHAI ने बताया कि परियोजना से जुड़े ठेकेदार, स्वतंत्र इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। जब तक प्रभावित हिस्से की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक उस मार्ग पर टोल वसूली निलंबित रहेगी और यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि टोल से होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित रियायतकर्ता (कंसेशनेयर) से की जाएगी।
Published at : 06 Aug 2026, 05:28 pm (IST)