उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम ने प्रमुख धार्मिक यात्राओं को प्रभावित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जबकि उत्तराखंड में केदारनाथ और कैलाश-मानसरोवर यात्रा भी भूस्खलन और मार्ग बंद होने के कारण प्रभावित हुई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम साफ होने तक यात्रा टालने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
By : Admin User | Updated at : 19 Jul 2026, 03:37 pm (IST)
भारी बारिश और खराब मौसम का असर अब उत्तर भारत की प्रमुख धार्मिक यात्राओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जबकि उत्तराखंड में केदारनाथ और कैलाश-मानसरोवर यात्रा भी भूस्खलन और खराब मौसम के कारण प्रभावित हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं।
अमरनाथ यात्रा पर फिलहाल रोक
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यह फैसला पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर लागू किया गया है। भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में रुके यात्रियों को फिलहाल वहीं रहने और प्रशासन के अगले निर्देशों का इंतजार करने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार, मौसम में सुधार और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
राजौरी में बारिश से हालात खराब
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी के बाद 19 जुलाई 2026 से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है।
डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। इस वर्ष अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
केदारनाथ और कैलाश यात्रा भी प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर और मलबा गिरने से कुछ समय के लिए रास्ता बाधित हो गया। हालांकि राहत दलों ने मार्ग साफ कर दिया है, लेकिन एहतियात के तौर पर घोड़ा-खच्चर और डोली सेवा फिलहाल बंद रखी गई है।
वहीं, पिथौरागढ़ के गरबाधार क्षेत्र में भूस्खलन के चलते गुंजी मार्ग बंद हो गया है। इसके कारण कैलाश-मानसरोवर यात्रा के चौथे जत्थे के 50 श्रद्धालुओं को धारचूला बेस कैंप में ही रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा।
प्रशासन की अपील
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें तथा भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
Published at : 19 Jul 2026, 03:37 pm (IST)