संसद के मॉनसून सत्र से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संसद मार्च को अनुमति नहीं दी गई, संसद के आसपास धारा 163 लागू है और ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है।
By : Admin User | Updated at : 19 Jul 2026, 04:57 pm (IST)
20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मॉनसून सत्र से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। संसद भवन और उसके आसपास के पूरे इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही प्रस्तावित संसद मार्च को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण संसद भवन के आसपास किसी भी प्रकार के मार्च, प्रदर्शन या भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस को आशंका है कि अनुमति न मिलने के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ सकते हैं। इसे देखते हुए इलाके में मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
इस बीच, जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन और संसद मार्च के ऐलान के चलते सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संबंधित संगठनों की ओर से मार्च के लिए औपचारिक अनुमति भी नहीं मांगी गई थी।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मॉनसून सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि संसद में लगातार व्यवधान से जनता का समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
संसद सचिवालय ने भी सांसदों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी सांसदों से कहा गया है कि वे संसद परिसर में पोस्टर, बैनर, प्लेकार्ड या किसी भी प्रकार का प्रदर्शन न करें। साथ ही धार्मिक आयोजन, धरना, उपवास और हड़ताल जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है।
उधर, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानीवासियों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। संसद सत्र के दौरान वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट बढ़ने की वजह से रफी मार्ग, संसद मार्ग, अशोका रोड, मौलाना आजाद रोड, रायसीना रोड, तालकटोरा रोड, के. कामराज मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग और आसपास के इलाकों में भारी ट्रैफिक रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाएं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मॉनसून सत्र के दौरान संसद और आसपास के पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
Published at : 19 Jul 2026, 04:56 pm (IST)