अस्पताल के अनुसार उनके वाइटल पैरामीटर्स फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन ब्लड पैरामीटर्स में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण संभावित जटिलताओं को देखते हुए एम्स और सफदरजंग अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी 24 घंटे निगरानी कर रही है।
By : Admin User | Updated at : 19 Jul 2026, 10:04 am (IST)
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल प्रशासन ने नया हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। अस्पताल के मुताबिक फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (वाइटल पैरामीटर्स) सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि, लंबे समय तक चली भूख हड़ताल के कारण उनके ब्लड पैरामीटर्स में कुछ बदलाव दर्ज किए गए हैं, जिसके चलते डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के आठवें फ्लोर पर भर्ती रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) टीम उनकी देखभाल कर रही है। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल परिसर में दिल्ली पुलिस की भी तैनाती की गई है।
भूख हड़ताल का शरीर पर पड़ा असर
हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, लंबे समय तक उपवास रखने के कारण शरीर पर शारीरिक और सिस्टमिक प्रभाव पड़े हैं। इसी वजह से डॉक्टर उनकी स्थिति पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन किसी भी संभावित जटिलता से बचने के लिए लगातार मेडिकल इंटरवेंशन और क्लिनिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।
एम्स और सफदरजंग के विशेषज्ञों की संयुक्त निगरानी
वीएमएमसी (VMMC) एवं सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के साथ-साथ एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ भी सोनम वांगचुक के इलाज में शामिल हैं। डॉक्टरों का मानना है कि उनकी मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लंबे उपवास के कारण भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए 24 घंटे मेडिकल ऑब्जर्वेशन और समय-समय पर जरूरी उपचार जारी रखा गया है।
ब्लड पैरामीटर्स पर लगातार नजर
अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक के क्लिनिकल स्टेटस और ब्लड पैरामीटर्स की नियमित जांच की जा रही है। यदि किसी तरह का बदलाव या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम सामने आता है तो तुरंत आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल उन्हें सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं और विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है।
Published at : 19 Jul 2026, 10:04 am (IST)