बिहार के मुजफ्फरपुर में AI और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर होटल व्यवसायी को हनी ट्रैप में फंसाकर 97 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने ट्रैकर की मदद से 20 लाख रुपये बरामद किए हैं और आरोपियों की तलाश जारी है।
By : Admin User | Updated at : 19 Jul 2026, 03:25 pm (IST)
बिहार के मुजफ्फरपुर से साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर एक होटल व्यवसायी को हनी ट्रैप में फंसाया गया। आरोप है कि अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगों ने व्यवसायी से कुल 97 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने ट्रैकर की मदद से 20 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी रकम और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार ने अपनी महिला मित्र और अन्य साथियों के साथ मिलकर होटल व्यवसायी को निशाना बनाया। पहले कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाया गया, फिर AI और डीपफेक तकनीक की मदद से कथित अश्लील फोटो और वीडियो तैयार कर उन्हें वायरल करने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने करीब एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
बदनामी के डर से पीड़ित व्यवसायी ने अलग-अलग लोगों से कर्ज लेकर चार किस्तों में 97 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। लेकिन रकम मिलने के बाद भी आरोपियों की मांग बंद नहीं हुई। लगातार बढ़ते दबाव के बाद व्यवसायी ने परिवार की सलाह पर पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।
पुलिस कार्रवाई के लिए एक अनोखी रणनीति अपनाई गई। अंतिम किस्त के रूप में दिए जाने वाले 20 लाख रुपये में पीड़ित ने करीब 10 हजार रुपये का GPS ट्रैकर छिपा दिया। जैसे ही रकम आरोपियों तक पहुंची, ट्रैकर की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने अहियापुर इलाके में छापेमारी कर बैग सहित 20 लाख रुपये बरामद कर लिए। हालांकि मुख्य आरोपी अभिषेक मौके से फरार होने में सफल रहा।
नगर एसडीपीओ विनीत सिन्हा ने बताया कि शुरुआती जांच में डीपफेक तकनीक के जरिए ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई है। फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। बरामद रकम की सूचना आयकर विभाग को भी दे दी गई है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि AI और डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीकों का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें और बिना जांच किसी भी प्रकार की रकम न दें।
Published at : 19 Jul 2026, 03:25 pm (IST)