जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के आतंकी यासीन मलिक की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में हाल ही दिये गये हलफनामें में किये गये दावे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नीत तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किये हैं।
यासीन मलिक
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
कोलकाता, 19 सितंबर। यासीन मलिक के दावे पर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि यासीन मलिक एक कुख्यात आतंकी है, जिसने भारतीय वायुसेना के जवानों को गोली मारकर मौत के घाट उतारा। यह सीधे राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा अपराध है और ऐसे आतंकी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जा सकता।
मालवीय ने अपने ट्वीट में सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यासीन मलिक का यह दावा सही है, तो यह यूपीए सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा और बैक-चैनल डिप्लोमेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि आखिर किस आधार पर एक कुख्यात आतंकी से इस तरह की बातचीत करवाई गई और फिर प्रधानमंत्री स्तर पर उसका आभार जताया गया। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की आतंकवाद के प्रति नीति और पाकिस्तान से निपटने की रणनीति को कटघरे में खड़ा करते हुए मालवीय ने कहा कि कांग्रेस राज में आतंकियों को प्रधानमंत्री लेवल पर शुक्रिया अदा किया जाता रहा है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का आतंकी यासीन मलिक, जो आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है, उसने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में दावा किया है कि वर्ष 2006 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से उसकी मुलाकात तत्कालीन भारतीय खुफिया एजेंसियों के कहने पर हुई थी और बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उसे धन्यवाद भी दिया था।
Published at : 19 Sept 2025, 08:27 am (IST)
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