सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर सरकार के नए टैक्स सिस्टम का बड़ा असर सामने आया है। ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स और VST इंडस्ट्रीज के मुनाफे, बिक्री और शुद्ध राजस्व में गिरावट दर्ज की गई है। जानिए पूरी रिपोर्ट।
By : Admin User | Updated at : 02 Aug 2026, 03:58 pm (IST)
नई दिल्ली: सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स में की गई बड़ी बढ़ोतरी का असर अब देश की प्रमुख सिगरेट कंपनियों के वित्तीय नतीजों में साफ दिखाई देने लगा है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया और VST इंडस्ट्रीज के शुद्ध राजस्व, बिक्री और मुनाफे में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। ये तीनों कंपनियां भारत के सिगरेट बाजार में 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखती हैं।
40% GST और नई एक्साइज ड्यूटी ने बढ़ाया दबाव
सरकार ने फरवरी 2026 में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर GST बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया था। इसके साथ ही पुराने मुआवजा उपकर की जगह सिगरेट की लंबाई के आधार पर नई अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लागू की गई, जो प्रति 1,000 सिगरेट 2,100 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक है। इस बदलाव के बाद कंपनियों की कुल बिक्री से होने वाली आय तो बढ़ी, लेकिन बढ़े हुए टैक्स के कारण वास्तविक शुद्ध राजस्व और मुनाफे पर दबाव बढ़ गया। कंपनियों को कीमतें बढ़ाने, बिक्री बनाए रखने और उत्पाद रणनीति में बदलाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ITC के शुद्ध राजस्व में 31% से ज्यादा गिरावट
देश की सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी ITC का ऑपरेशनल रेवेन्यू जून तिमाही में 73.71 प्रतिशत बढ़कर 16,596.67 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, टैक्स का प्रभाव हटाने के बाद कंपनी का वास्तविक शुद्ध राजस्व 31.45 प्रतिशत घटकर 3,769.11 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 5,498.93 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि उसने सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रणनीति अपनाई है। ITC के प्रमुख ब्रांड्स में इंडिया किंग्स, क्लासिक, गोल्ड फ्लेक, विल्स नेवी कट, कैप्सटन और प्लेयर्स शामिल हैं।
गॉडफ्रे फिलिप्स के मुनाफे में 44% की गिरावट
गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का एकीकृत शुद्ध लाभ 44.3 प्रतिशत घटकर 198.39 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू लगभग दोगुना होकर 3,819.56 करोड़ रुपये पहुंचा, लेकिन इसमें 2,614 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी शामिल थी। क्स हटाने के बाद कंपनी का शुद्ध राजस्व 18.8 प्रतिशत घटकर 1,206 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी कैवेंडर्स, फोर स्क्वायर, रेड एंड व्हाइट, स्टेलर, नॉर्थ पोल, टिपर और मार्लबोरो जैसे प्रमुख ब्रांड्स का कारोबार करती है।
VST इंडस्ट्रीज की बिक्री और मुनाफा दोनों घटे
VST इंडस्ट्रीज का ऑपरेशनल रेवेन्यू लगभग दोगुना होकर 881.49 करोड़ रुपये पहुंचा, लेकिन कंपनी का शुद्ध लाभ 24.42 प्रतिशत गिरकर 42.42 करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा कंपनी की बिक्री मात्रा में भी करीब 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। VST के प्रमुख ब्रांड्स में टोटल, एडिशंस और चार्म्स शामिल हैं।
कंपनियों के सामने नई चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़े हुए टैक्स के कारण कंपनियों के लिए कीमत बढ़ाने और ग्राहकों की मांग बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बन गया है। यदि आने वाले महीनों में टैक्स का दबाव इसी तरह बना रहा, तो सिगरेट उद्योग की बिक्री और मुनाफे पर इसका असर आगे भी देखने को मिल सकता है।
Published at : 02 Aug 2026, 03:58 pm (IST)
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