उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BSP सुप्रीमो मायावती ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
By : Admin User | Updated at : 02 Aug 2026, 03:46 pm (IST)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद और अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही सहारनपुर निवासी और पार्टी कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
मायावती ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के कारण बाहर किया गया था। बाद में उन्हें इस शर्त पर दोबारा शामिल किया गया था कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया।
मायावती के अनुसार, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों की जिम्मेदारी अशोक सिद्धार्थ को सौंपी गई थी, वहां से लगातार पार्टी अनुशासन के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं। इसी वजह से पहले उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में अब किसी भी परिस्थिति में वापसी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके उत्तर प्रदेश लौटने की खबरें फैलाकर पार्टी में भ्रम पैदा करने और आगामी विधानसभा चुनाव अभियान को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
अशोक सिद्धार्थ मायावती के समधी हैं। उनके बेटे आकाश आनंद की शादी अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा से हुई है। अशोक सिद्धार्थ वर्ष 2008 में सरकारी नौकरी छोड़कर BSP में शामिल हुए थे। बाद में उन्हें एमएलसी और फिर राज्यसभा सांसद बनाया गया था।
इसी कार्रवाई के तहत पार्टी ने रणधीर सिंह बेनीवाल को भी निष्कासित कर दिया है। उन पर पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी निभाने के दौरान पार्टी अनुशासन और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। BSP ने संगठन में बदलाव करते हुए राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को दोबारा पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे उत्तर प्रदेश के नेताओं को फिलहाल यूपी संगठन की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर BSP संगठन को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रही है।
Published at : 02 Aug 2026, 03:46 pm (IST)