डाबर का यह भी कहना है कि कंपनी लंबे समय से अपने कई उत्पादों पर इस तरह की लेबलिंग का इस्तेमाल करती आ रही है। ऐसे में अचानक बिक्री रोकने का निर्देश जारी करने से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था।
By : Admin User | Updated at : 07 Aug 2026, 04:41 pm (IST)
FMCG कंपनी डाबर इंडिया को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसके तहत कंपनी को ‘100% Pure’, ‘100% Natural’ और इसी तरह के दावों वाले कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए कहा गया था।
हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल डाबर संबंधित उत्पादों की बिक्री जारी रख सकेगी। हालांकि अदालत की ओर से दी गई यह राहत अंतिम फैसला नहीं है और मामले पर आगे सुनवाई जारी रहेगी।
विवाद की शुरुआत FSSAI के उस आदेश से हुई, जिसमें डाबर के कुछ खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर इस्तेमाल किए जा रहे ‘100% शुद्ध’, ‘100% प्राकृतिक’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों पर आपत्ति जताई गई थी। नियामक का तर्क था कि इस तरह के दावों को पूरी तरह प्रमाणित करना मुश्किल हो सकता है और इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की आशंका रहती है।
इस आदेश को चुनौती देते हुए डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी की ओर से दलील दी गई कि FSSAI ने कार्रवाई से पहले न तो कोई शो-कॉज नोटिस जारी किया और न ही कंपनी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया।
डाबर का यह भी कहना है कि कंपनी लंबे समय से अपने कई उत्पादों पर इस तरह की लेबलिंग का इस्तेमाल करती आ रही है। ऐसे में अचानक बिक्री रोकने का निर्देश जारी करने से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था।
मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल FSSAI के आदेश के अमल पर अंतरिम रोक लगा दी। इसका मतलब है कि अगली कानूनी प्रक्रिया और मामले की विस्तृत सुनवाई होने तक कंपनी को तत्काल राहत मिल गई है।
यह विवाद डाबर के शहद, देसी घी, नारियल तेल समेत कुछ अन्य खाद्य उत्पादों से जुड़ा बताया गया है, जिनकी पैकेजिंग पर ‘100%’ से संबंधित दावे किए जाते हैं।
दूसरी ओर FSSAI की आपत्ति मुख्य रूप से उपभोक्ता संरक्षण और खाद्य उत्पादों की लेबलिंग से जुड़ी है। नियामक का मानना है कि खाद्य पैकेजिंग पर किए जाने वाले दावे ऐसे होने चाहिए जिन्हें स्पष्ट रूप से प्रमाणित किया जा सके और जिनसे ग्राहक को उत्पाद की गुणवत्ता या प्रकृति को लेकर गलत धारणा न बने।
इस मामले का असर केवल डाबर तक सीमित नहीं रह सकता। अदालत के अंतिम फैसले के आधार पर भविष्य में अन्य FMCG और फूड कंपनियों द्वारा पैकेजिंग तथा विज्ञापनों में ‘100% Pure’ या ‘100% Natural’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल डाबर को अंतरिम राहत मिली है और संबंधित उत्पाद बाजार में उपलब्ध रह सकते हैं। अब आगे की सुनवाई में अदालत FSSAI की आपत्तियों और डाबर की दलीलों पर विस्तार से विचार करेगी, जिसके बाद मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
Published at : 07 Aug 2026, 04:41 pm (IST)