भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए फ्रांस ने 114 राफेल मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट की खरीद से जुड़ा टेक्निकल और कमर्शियल प्रस्ताव भारत को सौंपा है। प्रस्ताव के मुताबिक, इनमें से 94 लड़ाकू विमानों का निर्माण भारत में भारतीय औद्योगिक भागीदार के साथ किया जा सकता है।
By : Admin User | Updated at : 07 Aug 2026, 12:40 pm (IST)
भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान क्षमता को मजबूत करने की दिशा में फ्रांस ने भारत को 114 राफेल मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए विस्तृत टेक्निकल और कमर्शियल प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्तावित सौदे की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, प्रस्ताव फिलहाल रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण विंग और भारतीय वायुसेना के विचाराधीन है। भारत ने इसी साल मई में Government-to-Government प्रक्रिया के तहत फ्रांस को अनुरोध पत्र भेजा था, जिसके जवाब में अब यह प्रस्ताव सामने आया है।
इस प्रस्ताव की सबसे महत्वपूर्ण बात भारत में बड़े पैमाने पर स्थानीय निर्माण की योजना है। कुल 114 राफेल विमानों में से 94 फाइटर जेट भारत में ही तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए भारतीय औद्योगिक भागीदार के साथ मिलकर उत्पादन किए जाने की योजना है।
इस बड़े रक्षा सौदे में राफेल निर्माता डसॉल्ट एविएशन के अलावा MBDA, सफरान और थेल्स जैसी प्रमुख फ्रांसीसी रक्षा कंपनियों की भी भूमिका हो सकती है। भारत इस सौदे में स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहा है।
इसके अलावा राफेल को भारतीय हथियार प्रणालियों से लैस करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इनमें स्वदेशी रूप से विकसित अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल सहित अन्य भारतीय हथियारों के एकीकरण का प्रस्ताव शामिल है। रक्षा विशेषज्ञ और वायुसेना के अधिकारी इससे जुड़े तकनीकी पहलुओं का आकलन कर रहे हैं।
भारतीय वायुसेना के लिए नए लड़ाकू विमानों की खरीद लंबे समय से महत्वपूर्ण आवश्यकता मानी जा रही है। अगर 114 राफेल विमानों का यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी तक पहुंचता है, तो इससे वायुसेना की स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूती मिलने के साथ भारत में रक्षा निर्माण को भी बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।
भारत में 94 विमानों के संभावित निर्माण से तकनीक हस्तांतरण, घरेलू रक्षा उद्योग और स्थानीय सप्लाई चेन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल प्रस्ताव का मूल्यांकन जारी है और अंतिम समझौते को लेकर आधिकारिक फैसला होना बाकी है।
Published at : 07 Aug 2026, 12:40 pm (IST)
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