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DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट… का सफल परीक्षण किया, सटीक निशाने से बढ़ी भारत की सैन्य ताकत
ओडिशा के चांदीपुर में हुए सफल परीक्षण में पिनाका LRGR ने 60 किलोमीटर की निर्धारित रेंज पर लक्ष्य को सटीकता से भेदा।

DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल परीक्षण किया। रॉकेट ने निर्धारित लक्ष्य को सटीकता से भेदा। जानिए इस स्वदेशी रक्षा प्रणाली की खासियत और भारत की सैन्य क्षमता पर इसका असर।

DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट…का सफल परीक्षण किया, सटीक निशाने से बढ़ी भारत की सैन्य ताकत

By : Admin User | Updated at : 09 Jul 2026, 05:16 pm (IST)

नई दिल्ली: भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल फ्लाइट परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और रॉकेट ने निर्धारित लक्ष्य को बेहद सटीकता के साथ भेदा। मंत्रालय ने बताया कि परीक्षण के दौरान रॉकेट को कम से कम 60 किलोमीटर की निर्धारित रेंज के लिए लॉन्च किया गया। उड़ान के दौरान रॉकेट ने सभी तय मैन्यूवर सफलतापूर्वक पूरे किए और पूर्व निर्धारित मार्ग का पालन करते हुए लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया।

स्वदेशी तकनीक की बड़ी उपलब्धि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO और भारतीय सेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और विकास क्षमता का मजबूत उदाहरण है तथा लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट तकनीक में देश की आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस परियोजना को हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL), आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE), डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) और रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है।

मौजूदा पिनाका लॉन्चर से हुआ सफल प्रक्षेपण

इस परीक्षण की खास बात यह रही कि रॉकेट को पहले से भारतीय सेना में इस्तेमाल हो रहे पिनाका लॉन्चर से ही दागा गया। इससे यह साबित हुआ कि एक ही लॉन्चर प्लेटफॉर्म से अलग-अलग रेंज वाले पिनाका रॉकेट वेरिएंट्स को आसानी से संचालित किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सेना की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और युद्ध जैसी परिस्थितियों में तेजी से तैनाती संभव होगी।

DRDO प्रमुख ने खुद की निगरानी

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि DRDO के चेयरमैन, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने परीक्षण से जुड़े सभी चरणों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। उन्होंने परीक्षण टीमों के साथ समन्वय बनाए रखा और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की।

पहले भी सफल रहा था परीक्षण

इससे पहले दिसंबर 2025 में DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का पहला सफल फ्लाइट परीक्षण किया था। उस समय रॉकेट ने 120 किलोमीटर की रेंज में अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा था। ताजा परीक्षण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पिनाका LRGR विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार 60 से 120 किलोमीटर तक की प्रभावी मारक क्षमता के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारत की रक्षा क्षमता को मिलेगा बड़ा फायदा

पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण भारतीय सेना की लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता को और मजबूत करेगा। स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह प्रणाली न केवल सेना की मारक शक्ति बढ़ाएगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी नई गति देगी।