कोर्ट ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 22 अगस्त को कम्प्लायंस एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया था। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने नोट किया कि केवल पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम ने ही कम्प्लायंस एफिडेविट फाइल किया है। जस्टिस नाथ ने कहा, "लगातार घटनाएं हो रही हैं और देश की इमेज दूसरे देशों की नजर में खराब हो रही है।
@RashtriyaSamacharBharat
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को हलफनामा दाखिल न करने पर तलब किया है। सभी मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ कुछ राज्यों ने ही अनुपालन हलफनामा दाखिल किया है। कोर्ट ने देश की छवि खराब होने पर चिंता जताई और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा- बाकी राज्यों ने अब तक यह बताने वाली रिपोर्ट दाखिल नहीं की है कि उन्होंने एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के तहत क्या कदम उठाए हैं।
दरअसल, कोर्ट ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 22 अगस्त को कम्प्लायंस एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया था। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने नोट किया कि केवल पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम ने ही कम्प्लायंस एफिडेविट फाइल किया है। जस्टिस नाथ ने कहा, "लगातार घटनाएं हो रही हैं और देश की इमेज दूसरे देशों की नजर में खराब हो रही है। हम न्यूज रिपोर्ट भी पढ़ रहे हैं।" जस्टिस नाथ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे से यह भी पूछा कि दिल्ली सरकार ने एफिडेविट क्यों फाइल नहीं किया है।
जस्टिस नाथ ने कहा, "NCT ने एफिडेविट फाइल क्यों नहीं किया? चीफ सेक्रेटरी को एक्सप्लेनेशन देना होगा...नहीं तो कॉस्ट लगाई जा सकती है और सख्त कदम उठाए जाएंगे...सभी राज्यों को नोटिस जारी किए गए थे...आपके ऑफिसर अखबार या सोशल मीडिया नहीं पढ़ते? ...सभी चीफ सेक्रेटरी 3 नवंबर को मौजूद रहें, नहीं तो हम कोर्ट ऑडिटोरियम में करेंगे।"
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में आवारा कुत्तों से जुड़े केस का दायरा दिल्ली-एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश में कर दिया था और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसमें पार्टी बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था - जिन कुत्तों को पकड़ा जाता है, उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर जहां से उठाया है, वहीं वापिस छोड़ दिया जाए। हालांकि, रेबीज से संक्रमित और आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों को शेल्टर होम में ही रखा जाए।
Published at : 27 Oct 2025, 03:24 pm (IST)
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